जनपद प्रतापगढ़ का सबसे बड़ा थाना कंधई जो तीन विधानसभाओं से जुड़ा है। पटटी वहाँ के इंस्पेक्टर/थाना प्रभारी को पाँच जनप्रतिनिधियों की बात माननी पड़ती है। पहला कंधई थाना की बात जाने दीजिये उस इंस्पेक्टर/थाना प्रभारी को जिले में यदि रहना है तो पट्टी विधायक/कैबिनेट मंत्री राजेंद्र प्रताप उर्फ मोती सिंह की बातों को सुनना होगा और अक्षरशः करना भी होगा ।

दूसरे नम्बर पर रानीगंज विधायक और तीसरे नंबर पर सदर विधायक का फरमान इंस्पेक्टर/थाना प्रभारी को सुनना पड़ता है। अब चौथे नम्बर पर बात आती है पाँच विधान सभाओं का प्रतिनिधित्व करने वाले प्रतापगढ़ सांसद की और पांचवें नम्बर पर आती है जिले की सातों विधानसभाओं का प्रतिनिधित्व करने वाले विधान परिषद् सदस्य के आदेश और निर्देश को सुनकर उस पर अमल करने की ।
अब जाहिर सी बात है कि जब एक इंस्पेक्टर/थाना प्रभारी को पाँच-पाँच जनप्रतिनिधियों की बात सुननी और सहनी पड़ती है तो कोई न कोई कार्य का टकराव आपस में होगा ही और जब कार्य का टकराव होगा तो अहम् का टकराव होना स्वाभाविक है। इसलिए जब कभी इंस्पेक्टर/थाना प्रभारी कंधई को किसी जनप्रतिनिधि की दो बात सुननी पड़ती है तो समझ में आ जाता है कि असल माजरा क्या रहा होगा!