अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के तत्वाधान में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया गया
संवाददाता मनोज कुमार राजौरिया इटावा : अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के सदस्यों और अधिकारियों के सहयोग से जिले में महिला दिवस का आयोजन किया गया जो कि जिले के प्रमुख चौराहों एसएसपी चौराहा , बलराम सिंह चौराहा, डी एम चौराहे से होता हुआ शास्त्री चौराहे तक पैदल मार्स किया गया जिसमें अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रमुख अधिकारी एवं सदस्यों उपस्थित रहे।

इस पैदल मार्स में उपस्थित एक अधिकारी से पूछा गया तो बताया कि हमारे देश की महिला अब कोई “फूल नही चिंगारी है”
पैदल मार्स में सभी सदस्यों का नारा भी यही रहा कि “भारत की नारी अब फूल नही चिंगारी है”
कब शुरू हुआ महिला दिवस :
दरअसल अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस एक मज़दूर आंदोलन से उपजा है. इसका बीजारोपण साल 1908 में हुआ था जब 15 हज़ार औरतों ने न्यूयॉर्क शहर में मार्च निकालकर नौकरी में कम घंटों की मांग की थी.
इसके अलावा उनकी मांग थी कि उन्हें बेहतर वेतन दिया जाए और मतदान करने का अधिकार भी दिया जाए. एक साल बाद सोशलिस्ट पार्टी ऑफ़ अमरीका ने इस दिन को पहला राष्ट्रीय महिला दिवस घोषित कर दिया.
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाने की बात अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाने का आइडिया एक महिला का ही था। उनका नाम क्लारा जेटकिन था। क्लारा ने 1910 में कोपेनहेगन में कामकाजी महिलाओं की एक इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस के दौरान अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाने का सुझाव दिया, उस वक्त कॉन्फ़्रेंस में 17 देशों की 100 महिलाएं मौजूद थीं। उन सभी ने इस सुझाव का समर्थन किया। सबसे पहले साल 1911 में ऑस्ट्रिया, डेनमार्क, जर्मनी और स्विट्जरलैंड में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया गया था लेकिन तकनीकी तौर पर इस साल हम 109वां अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मना रहे हैं।