आगरा। उत्तर भारत में स्किल, टैलेंट और तकनीकी उत्कृष्टता का बड़ा मंच इंडियास्किल्स उत्तरी क्षेत्रीय प्रतियोगिता 2025–26 के रूप में बुधवार को आगरा में शुरू हुआ। शहर के सुर सदन में आयोजित उद्घाटन समारोह में 9 उत्तरी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिभागियों ने भाग लिया।
11 से 14 मार्च तक चलने वाली इस चार दिवसीय प्रतियोगिता में पारंपरिक ट्रेड से लेकर आधुनिक तकनीकी क्षेत्रों तक 63 विभिन्न स्किल्स में प्रतिभागी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। कार्यक्रम का आयोजन कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय (MSDE) द्वारा राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (NSDC) के सहयोग से किया जा रहा है।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं शिक्षा राज्य मंत्री जयन्त चौधरी ने कहा कि आगरा केवल ऐतिहासिक और सांस्कृतिक शहर ही नहीं, बल्कि कौशल विकास और उद्योग का उभरता हुआ केंद्र भी बन रहा है। उन्होंने कहा कि यह प्रतियोगिता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के विजन को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी और युवाओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनने का अवसर देगी।
उद्घाटन समारोह के दौरान प्रतियोगियों ने मार्च-पास्ट और सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। इसके साथ ही विशेषज्ञों और प्रतिभागियों ने शपथ लेकर प्रतियोगिता को निष्पक्ष और समर्पित भाव से संपन्न कराने का संकल्प लिया।
कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय के डीडीजी अरुण कुमार यादव ने अपने संबोधन में कहा कि भारत की जनसांख्यिकीय ताकत को आर्थिक शक्ति में बदलने के लिए कौशल विकास बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि इस प्रतियोगिता के विजेता आगे चलकर राष्ट्रीय स्तर की इंडिया स्किल्स प्रतियोगिता और फिर वर्ल्डस्किल्स 2026 (शंघाई) में भारत का प्रतिनिधित्व करने का मौका पा सकते हैं।
कार्यक्रम का समापन संयुक्त निदेशक प्रवीण कुमार के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
प्रतियोगिता के अगले तीन दिन बीएसएनएल ग्राउंड, आगरा में आयोजित किए जाएंगे। 12 और 13 मार्च को विभिन्न स्किल्स में प्रदर्शन, मूल्यांकन और कार्यशालाएं होंगी, जिनमें 360 से अधिक प्रतिभागी भाग लेंगे। वहीं 14 मार्च को समापन समारोह में विजेताओं को सम्मानित किया जाएगा।
यह प्रतियोगिता युवाओं को कौशल के माध्यम से पहचान, अवसर और वैश्विक मंच तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।