संवाददाता: मोहन सिंह
बेतिया/ पश्चिमी चंपारण।
पश्चिम चंपारण जिले के चनपटिया और मझौलिया थाना क्षेत्र में सिकरहना नदी से लगातार हो रहे अवैध बालू खनन का मामला अब बिहार विधानसभा तक पहुंच गया है। चनपटिया विधानसभा क्षेत्र के विधायक अभिषेक रंजन ने शून्यकाल के दौरान इस गंभीर विषय को सदन में उठाते हुए सरकार से तत्काल हस्तक्षेप और उच्चस्तरीय जांच की मांग की।

विधायक ने सदन को अवगत कराया कि सिकरहना नदी के नुनियावा टोला, पकडिहार घाट और मझौलिया के तिरहवां क्षेत्र में लंबे समय से अवैध खनन का कार्य जारी है। इस अवैध गतिविधि से नदी की प्राकृतिक संरचना को नुकसान पहुंच रहा है, जिससे पर्यावरण असंतुलन, कटाव और बाढ़ का खतरा बढ़ता जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि अवैध खनन में खनन विभाग के कुछ पदाधिकारियों और स्थानीय थाना की मिलीभगत की चर्चाएं क्षेत्र में आम हैं। प्रशासनिक निष्क्रियता के कारण अवैध खनन पर प्रभावी रोक नहीं लग पा रही है। विधायक ने स्पष्ट कहा कि यदि इस मामले की निष्पक्ष जांच नहीं कराई गई तो अवैध खनन माफियाओं पर अंकुश लगाना संभव नहीं होगा।
अभिषेक रंजन ने सरकार से मांग की कि पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कर दोषी अधिकारियों एवं खनन माफियाओं के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि सिकरहना नदी क्षेत्र के लोगों की आजीविका, पर्यावरण सुरक्षा और कानून व्यवस्था से यह मामला सीधे जुड़ा हुआ है।
विधानसभा में मामला उठने के बाद क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अवैध खनन से नदी का अस्तित्व संकट में है और प्रशासनिक कार्रवाई की मांग लंबे समय से की जा रही थी। विधायक ने दोहराया कि चनपटिया क्षेत्र के प्राकृतिक संसाधनों और जनहित की रक्षा के लिए उनकी लड़ाई आगे भी जारी रहेगी।