मनोज कुमार राजौरिया इटावा : जिला अस्पताल परिसर में बह रहे सीवर के गंदे पानी को देखकर संयुक्त निदेशक स्वास्थ्य कानपुर मंडल डा.करन सिंह ने नाराजगी जताई। उन्होंने मुख्य चिकित्साधिकारी डा.एनएस तोमर को फोन पर निर्देश देते हुए दो दिनों में इसे दुरुस्त कराने के निर्देश दिए। बाद में उन्होंने महिला अस्पताल के एमसीएच विंग में बनाए गए 40 बैड के आइसोलेशन वार्ड का निरीक्षण कर व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के निर्देश दिए।
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जेडी डा.करन सिंह शुक्रवार को जब जिला अस्पताल पहुंचे तो सबसे पहले उन्होंने कोरोना डिस इंफेक्शनल टनल को देखा और उसमें सैनेटाइज होने के बाद ही वह आगे बढ़े। जब वह महिला अस्पताल के पास पहुंचे तो यहां पर पूरे परिसर में सीवर का गंदा पानी भरा हुआ था। लोगों ने बताया कि काफी दिनों से यह समस्या है जिससे अस्पताल आने जाने वाले लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने सीएमओ को फोन पर इस व्यवस्था को दो दिनों में सुधारने के निर्देश दिए। बाद में वह आइसोलेशन वार्ड में पहुंचे। यहां पर उन्होंने महिला अस्पताल के सीएमएस डा.अशोक जाटव से व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी की और निर्देश दिए कि अस्पताल स्टॉफ व वार्ड में भर्ती होने वाले संदिग्ध मरीजों के आने जाने के लिए अलग-अलग रास्ते बनाए जाएं।
उन्होंने पीपीई किट का डेमो भी देखा। इसके बाद उन्होंने जसवंतनगर सीएचसी पर बनाए गए कोरोना एल-1 आइसोलेशन वार्ड की व्यवस्थाओं को भी देखा। निरीक्षण के बाद उन्होंने बताया कि कानपुर मंडल में कानपुर के सिरसौल, कन्नौज के तिर्वा, इटावा के जसवंतनगर के अलावा औरैया व फर्रुखाबाद में सीएचसी पर एल-1 आइसोलेशन वार्ड बनाए गए हैं। सिरसौल में वार्ड फुल होने के बाद कोरोना पॉजीटिव मरीजों को तिर्वा, जसवंतनगर व अन्य स्थानों पर भर्ती कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि सभी सीएचसी पर बने वार्डा में व्यवस्थाएं पूरी तरह से दुरुस्त हैं। स्टॉफ को निर्देश दिए गए हैं कि वह अपनी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मरीजों का इलाज करें।