जनवाद ब्यूरो
इटावा: पांच साल के कार्यकाल में अंशुल यादव ने युवा टीम और अधिक मजबूत की जिससे 2021 में पंचायत चुनाव में सारी अड़चने दूर करके अपने चाचा प्रसपा सुप्रीमो शिवपाल सिंह यादव से आशीर्वाद प्राप्त करके संयुक्त रणनीति से दो तिहाई सदस्य जिताकर अपना परचम लहरा दिया। वही आज सपा ने उनके नाम पर पक्की मुहर लगते हुए दूसरी बार उनकी ताजपोशी होगी।
अंशुल यादव ने 2005 में सपा युवा प्रभारी के रूप में जनपद में सपा युवा वर्ग की कमान संभाली थी। अपने मिलनसारिता के चलते जल्द ही उन्होंने अपनी टीम बना ली और इसके बाद समूचे जनपद में जुझारू युवाओं की टीम पार्टी के लिए तैयार कर दी। अभी तक जितने धरना-प्रदर्शन हुए उनमें उनके निर्देशन में युवाओं ने तहसील से लेकर जिला मुख्यालय पर जमकर प्रदर्शन किया। बीते 2015 के पंचायत चुनाव में अंशुल यादव जिला पंचायत सदस्य बने लेकिन सदस्यों का पूर्ण बहुमत नहीं मिला था तब उन्होंने से दल से बागी के रूप में जीते सदस्यों को अपने पाले में करके इस पद को सुशोभित किया।
33 साल से सपा का कब्जा
जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर सपा का कब्जा बीते 33 साल से बरकरार चला आ रहा है। 1988 में सपा के राष्ट्रीय प्रमुख महासचिव प्रोफेसर रामगोपाल यादव अध्यक्ष बने इसके बाद अभी तक सपा का ही कब्जा चला आ रहा है। प्रोफेसर रामगोपाल यादव राज्यसभा सदस्य बने तो सपा ने पूर्व सांसद रामसिंह शाक्य को इस पद पर आसीन कराया वे फिर से सांसद चुने गए तो वर्तमान में प्रसपा सुप्रीमो शिवपाल सिंह यादव अध्यक्ष बने लेकिन वे जल्द ही जसवंतनगर से विधायक हो गए तो स्वर्गीय विधायक महेंद्र सिंह राजपूत, पूर्व सांसद प्रेमदास कठेरिया तथा अंशुल की माताश्री प्रेमलता यादव को दो बार अध्यक्ष बनने का गौरव मिला। बीते 2016 से अंशुल यादव जिला पंचायत अध्यक्ष चुने गए और 2021 में फिर से सपा ने अंशुल यादव के नाम पर पक्की मुहर लगा दी।