एमबीबीएस इंटर्न का स्टाइपेंड मजदूरी से भी कम होने पर जिलाधिकारी को सौंपा गया ज्ञापन
मनोज कुमार राजौरिया इटावा। उत्तर प्रदेश में मजदूरी की न्यूनतम दर 300 रुपये है, यानी महीने के नौ हजार रुपये। इससे भी कम योगी सरकार एमबीबीएस स्टूडेंट्स को इंटर्नशिप के दौरान दे रही है। एमबीबीएस के बाद इंटर्नशिप के दौरान राज्य सरकार 7500 रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड देती है। जबकि केंद्र सरकार के संस्थान में यह 23,500 रुपये है। इंडियन मेडिकल असोसिएशन की स्टूडेंट विंग ने इसका विरोध करते हुए आज इटावा मुख्यालय में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम का ज्ञापन आला अधिकारियों को सौंपा। जिसमे उन्होंने स्टाइपेंड में बढ़ाने की मांग उठाई है।

स्टूडेंट विंग के छात्र संघ के छात्रों ने मुख्यमंत्री के नाम के ज्ञापन में कहा है कि दस सालों से प्रदेश में स्टाइपेंड में बढ़ोतरी नहीं हुई है। जबकि केंद्र के संस्थानों में स्टाइपेंड तीन गुना से भी ज्यादा है। इससे इंटर्न हतोत्साहित हो रहे हैं। फाइनल इयर का एग्जाम हर विवि में अलग-अलग समय पर होता है। कहीं एग्जाम लेट होने का असर रिजल्ट पर भी पड़ता है। ऐसे में प्रदेश में सेंट्रलाइज्ड व्यवस्था लागू करके एक ही समय पर एग्जाम और रिजल्ट जारी किया जाना चाहिए।

कोरोना से बचाव के लिए भी स्टूडेंट्स दिन रात काम कर रहे हैं। इसे ध्यान में रखते हुए सरकार को बेहतर सुविधा देनी चाहिए।