संवाददाता दिलीप कुमार
इटावा: जिला आयुर्वेद एवं यूनानी विभाग और चंबल फाउंडेशन की ओर से चंबल-यमुना में अचानक आई बाढ़ के बाद चिकित्सा शिविर का आयोजन चकरनगर तहसील के बंसरी गांव में किया गया। इस दौरान सैकड़ों बाढ़ पीड़ित ग्रामवासियों को चिकित्सा राहत पहुंचाई गई।
चिकित्सा शिविर में डाक्टर साहब ने बताया कि बाढ़ जनित बीमारियों में मुख्य रूप से किशोरियों एवं महिलाओं में त्वचा रोग की होती है लिहाजा साफ-सफाई के साथ हरिद्रा खंड औषधि सबसे लाभकारी है। बाढ़ के दौरान डायरिया जैसी बीमारियों की अधिकता होती है। इसलिए बाढ़ प्रभावितों को शरीर में पानी की कमी न हो। ओआरएस या चीनी-नमक का घोल समय-समय पर लेने से इससे बचाव होता है। बुखार व विषाणु जनित रोगों से बचने के लिए संसमनी का प्रयोग एवं दशमूल क्वाथ का प्रयोग लाभकारी है। सर्दी व कोविड जैसे लक्षणों से बचने के लिए अणु तेल एवं षडविंदु तेल का प्रयोग कर सकते हैं।
ये बाढ़ राहत चिकित्सा शिविर जिला आयुर्वेद एवं यूनानी अधिकारी डॉ. कप्तान सिंह और चंबल फाउंडेशन के संस्थापक शाह आलम के निर्देशन में संपन्न हुआ। इस दौरान सैकड़ों बाढ़ पीड़ित ग्रामवासियों को चिकित्सा राहत पहुंचाई गई। इस अवसर पर फार्मासिस्ट राम चन्द्र, वार्डबॉय विकास का योगदान सराहनीय रहा। बाढ़ राहत चिकित्सा शिविर का आगामी कैम्प 18 अगस्त को जसवंतनगर के कीरतपुर में होगा।