संवाददाता गुलशन कुमार इटावा: सरकार द्वारा जारी हर योजना का लाभ लेने के लिए लागू की गई आधार कार्ड की अनिवार्यता से आम लोगों के साथ विद्यार्थियों की भी परेशानियां बढ़ा दी हैं। हालत यह है कि मुख्य डाकघर में महीनों से चक्कर लगा रहे लोगों के भी आधार कार्ड नहीं बन पा रहे हैं जबकि टोकन छह अक्टूबर को ही वितरित कर दिए गए थे। हालत यह है कि रोजाना लंबी लाइनें लग रही हैं जिसके कारण कोरोना काल में शारीरिक दूरी के नियम भी टूट रहे हैं, जनपद में आधार कार्ड न बनने से छात्र छात्राएं परेशान हैं। छात्रवृत्ति व अन्य फार्मो में आधारकार्ड लगाए जाने की जरुरत पड़ती है लेकिन आधार कार्ड बनवाए जाने के लिए छात्र छात्राओं को भटकना पड़ रहा है। इन लोगों ने आधारकार्ड बनाए जाने की व्यवस्था किए जाने तथा छात्रवृत्ति फार्म भरने की अंतिम तिथि बढ़ाए जाने की मांग की है। इस मामले में मुख्यमंत्री को सम्बोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। इसमें कहा गया है कि आधारकार्ड बनाए जाने की सही व्यवस्था की जाए और आधारकार्ड बनने में होने वाली परेशानी को देखते हुए फार्म भरने के लिए कुछ समय भी बढ़ाया जाए। ज्ञापन देने वालों में मालती यादव, संजू यादव, शालू, अतुल कुमार, बंटू कुमार, आरती, रोशनी, नन्दलाल व गुलशन कुमार शामिल हैं।

इस कार्य से जुड़े हुए जनपद के समस्त आधार ऑपरेटर के लिए अपने अपने परिवार का भरण पोषण की बड़ी समस्या उत्पन्न हो गई है। आधार कार्ड से मोबाइल लिंक होना भी बड़ी समस्या है। स्टेट बैंक आफ इंडिया में आधार सेंटर के आपरेटर शिव कुमार ले बताया कि वे सात महीने से बेरोजगार हैं। उनके परिवार के सामने इस समय विषम परिस्थितियां आ रहीं है। ग्राम बलियापुर निवासी सौरभ यादव ने बताया कि आधार कार्ड का काम बंद होने से वे परेशान हैं। उन्हें अपने बाज़ीफ़ा का फार्म करना है परंतु आधार कार्ड में मोबाइल लिंक नहीं है।