Etawah News: 158-year-old Jaswantnagar's historic Maidan Ramlila's 11-day program announced
क्षेत्रीय संवाददाता
जसवंतनगर/इटावा: यूनेस्को द्वारा विश्वधरोहर के रूप में घोषित जसवंतनगर की मैदानी रामलीला आयोजन के 11 दिवसीय कार्यक्रम को बाकायदा घोषित कर दिया गया। रामलीला समिति के प्रबन्धक राजीव गुप्ता ‘बबलू’ ने कार्यक्रम विवरण की घोषणा प्रेस वार्ता के जरिये करते कहा कि 158 वर्ष का इतिहास रखने वाली यहां की रामलीला पिछले वर्ष कोरोना संक्रमण के चलते नही हो सकी थी। सन 1857 और 1858 में विश्व युद्ध के चलते नही हुई थी। इस वर्ष भी इसके आयोजन पर खतरा था। मगर शासन प्रशासन की घोषित गाइड लाइन ने हमारी समिति को रामलीला के आयोजन के लिए प्रेरित किया है। हम क्षेत्रीय विधायक शिवपाल सिंह यादव के भी शुक्रगुजार हैं जिन्होंने रामलीला के आयोजन के लिए कमेटी को प्रेरित किया और सहयोग देने का वायदा किया है।
प्रबंधक श्री राजीव गुप्ता ने बताया कि
8 अक्टूबर को तालाब मन्दिर पर राम वनवास की लीला के साथ महोत्सव आरम्भ होगा।
9 अक्टूबर से 15 अक्टूबर तक रामलीला मैदान में लीलाएं आयोजित होंगी।
9 अक्टूबर को भरत मनौआ, भरत मिलाप,
10 अक्टूबर को जयंत आंख फूटना, सूपर्णखा नाक कटना, खरदूषण बध, रावण मारीच वार्ता,
11 अक्टूबर को सीताहरण, सुग्रीव मिलाई ,
12 अक्टूबर को बालि बध, लंका दहन, अक्षय कुमार बध,
13 अक्टूबर को रावण अंगद सम्वाद, लक्ष्मण शक्ति लीलाएं होंगीं।
14 अक्टूबर को नाग फांस, मेघनाद-कुम्भकर्ण बध तथा
15 अक्टूबर को दशहरा के दिन अहिरावण, नारायन्तक, रावण बध होगा।
16 अक्टूबर को तालाब मन्दिर पर भरत मिलाप,
17 अक्टूबर को नगर भ्रमण और
18 अक्टूबर को चौक कटरा पुख्ता में राम राज्याभिषेक और सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ रामलीला महोत्सव का समापन होगा।
उन्होंने बताया कि इस समय अनेक संक्रामक रोग मच्छरों के कारण फैल रहे हैं इसलिए रात्रिकालीन अखिल भारतीय कवि सम्मेलन और रास लीला आदि के कार्यक्रम इस वर्ष आयोजित न करने का फैंसला लिया गया है। राम बारात भी नही निकलेगी। मेला बाजार लगेगा या नहीं? इस पर उन्होंने कहा रामलीला होगी, तो मेला बाजार, खेल तमाशे भी लगेंगे। उन्होंने सभी धर्म प्रेमियों और नगर वासियों से सहयोग की अपील की है।