संवाददाता मोहन सिंह
बेतिया/ पश्चिमी चंपारण।
पश्चिमी चंपारण जिले के नरकटियागंज अनुमंडलीय अस्पताल परिसर में शनिवार को अजीबोगरीब हालात ने पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए। दरअसल, सड़क दुर्घटना में घायल एक महिला को अस्पताल लाया गया था, जहां ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने शव घर ले जाने की तैयारी की, लेकिन रास्ते में महिला के शरीर में हलचल देख परिजनों ने उसे फिर अस्पताल पहुंचाया।
अस्पताल पहुंचते ही परिजनों ने महिला के जिंदा होने की बात कही, जिसके बाद अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इसी दौरान डॉक्टरों और परिजनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई और स्थिति मारपीट तक पहुंच गई। घटना में एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया।
गौरतलब है कि अस्पताल परिसर में दर्जन भर सुरक्षा गार्ड, सीसीटीवी कैमरे और पुलिस पदाधिकारी मौजूद थे, फिर भी इस पूरे घटनाक्रम के दौरान हालात काबू से बाहर होते रहे। अब सवाल उठ रहे हैं कि आखिर महिला को पहले मृत क्यों घोषित किया गया और फिर उसके जिंदा होने की बात कैसे सामने आई?
फिलहाल मामले को लेकर प्रशासनिक स्तर पर जांच की मांग तेज हो गई है। स्थानीय लोगों और परिजनों ने स्वास्थ्य व्यवस्था की लापरवाही पर कड़ा रोष जताया है। प्रशासन की ओर से इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है, इस पर सबकी नजरें टिकी हैं।