संवाददाता मोहन सिंह
बेतिया/ पश्चिमी चंपारण।
नगर निगम बोर्ड की शनिवार को आयोजित बैठक में पार्षदगण के भारी हंगामा और बहिष्कार के कारण स्थगित करनी पड़ी। बैठक शुरू होने के साथ ही दो दर्जन से ज्यादा नगर पार्षदगण हंगामा करने लगे। इनका आरोप था कि विगत अनेक बैठकों में पारित करोड़ों की दर्जनों विकास योजनाओं को लटकाने पर हंगामा मचाते हुए जवाब मांगने लगे।

संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर हंगामा करते हुए सभागार से बाहर निकल कर बैठक बहिष्कार करने की घोषणा की। बाहर निकले नगर पार्षदगण ने बताया कि आज की बैठक के लिए महापौर द्वारा निर्गत पत्र में यह स्पष्ट रूप से वर्णित है कि अंकेक्षण प्रतिवेदन को आज की बैठक में विचारण रखा जाएगा। महापौर ने उक्त अंकेक्षण प्रतिवेदन की प्रति सभी सदस्यों को बैठक के पूर्व ही उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था। बावजूद इसके पार्षदों को बैठक से पहले अंकेक्षण प्रतिवेदन की प्रतिलिपि कार्यालय द्वारा उपलब्ध नहीं कराई गई। ऐसी परिस्थिति में इससे संबंधित एजेंडा 5 पर आज की बैठक में कोई चर्चा विचार करना संभव नहीं है। नगर निगम बोर्ड की बहुमत में रहे नगर पार्षदगण ने एक स्वर से शनिवार 29 नवंबर को आहुत बैठक को बहिष्कार करने की मांग करने लगे। उनका कहना था कि जनवरी 2024 से पारित योजनाओं का प्रशासनिक तथा तकनीकी स्वीकृति बोर्ड और सक्षम पदाधिकारी द्वारा दिए जाने के बावजूद महीनों से निविदा निष्पादन अथवा कार्यादेश नही निर्गत किया गया है। ऐसा होने के कारण नगर निगम क्षेत्र का विकास महीनों से अवरुद्ध है।

इधर महापौर गरिमा देवी सिकारिया ने बताया कि नगर पार्षदगण बैठक का बहिष्कार कर देने के कारण आज 29 नवंबर की बैठक कोरम पूरा नहीं होने के कारण स्थगित कर दी गई है। संबंधित लोगों से बात कर के शीघ्र ही बैठक की नई तिथि घोषित की जाएगी।