- संवाददाता मोहन सिंह बेतिया
नगर निगम के क्षेत्र के सनसरैया समीपवर्ती चारगाहा में आयोजित शतचंडी महायज्ञ व रासलीला का रविवार की रात नगर निगम की निवर्त्तमान सभापति गरिमा देवी सिकारिया ने उद्घाटन किया। इससे पूर्व महायज्ञ मंडप से चलकर नगर के ऐतिहासिक सागर पोखरा से जलबोझी के लिये वैदिक विधि विधान से पहुंची जलयात्रा के पुरजोर स्वागत में भी निवर्त्तमान सभापति गरिमा देवी सिकारिया शामिल रहीं। जिससे इस जलयात्रा में शामिल महिलाओं से लेकर कन्याओं और बच्चीयों तक का उत्साह देखने के लायक था। वहीं बतौर मुख्य अतिथि रासलीला के उद्घाटन में पहुंचीं गरिमा देवी सिकारिया का मातारानी के जयकारे और तालियों की गड़गड़ाहट के बीच पुरजोर स्वागत किया गया। इस मौके पर श्रीमती सिकारिया ने कहा कि आप माता बहनों और क्षेत्र के भाइयों में अध्यात्म और सनातन धर्म के प्रति ऐसा समर्पण स्वागत और अभिनन्दन के योग्य है। वास्तव में इस चरागाहां उप नगर में आयोजित शतचंडी महायज्ञ और यहां की रासलीला में वास्तविक तौर पर कहें तो हमारे सनातन धर्म व भारतीय संस्कृति के समन्वय उद्घाटन हो रहा है। उन्होंने कहा कि इस महायज्ञ जल यात्रा में शामिल सैकड़ों महिला पुरुष और बच्चे जेठ की तेज धूप में भी नंगे पांव चलते हुये माता रानी का जयकार उत्साह पूर्वक लगाते रहने के उत्साह से ही मैं बहुत प्रभावित और भावुक हो गयी थी। इस मौके पर श्रीमती सिकारिया ने कहा कि इस महायज्ञ और इसकी जलयात्रा में सहभागिता से लोगों में धर्म और अपनी आस्था के प्रति उत्साह और बढ़ गया प्रतीत हुआ। जिसके बाद मुझमें भी अपने सौभाग्य पर गर्व करने जैसे भाव आये और मेरे भी मन को आह्लादित किया।उन्होंने कहा कि आदि शक्ति जगदम्बा के प्रति ऐसी आस्था वंदनीय है। सतचंडी महायज्ञ में यज्ञकर्ता दिवाकर कुमार मिश्रा, अध्यक्ष शुभ सागर मिश्रा, यज्ञ आचार्य पंडित ऋषिकांत मिश्रा, उपाध्यक्ष नीरज पटेल, रंजन कुमार, मंटेश कुमार, कुणाल मिश्रा, बिट्टू कुमार, निप्पू कुमार, अभय कुमार, अजीत मिश्रा, मनीष कुमार, साहिल कुमार, विनय यादव, मिट्ठू यादव, नवीन यादव, अमित यादव इत्यादि का महत्वपूर्ण योगदान रहा।