संवाददाता : राजेन्द्र कुमार
स्थान : राजापाकर, जिला वैशाली (बिहार)
दिनांक : 15 मार्च 2026
राजापाकर । पशु बांझपन निवारण शिविर वैशाली जिले के राजापाकर प्रखंड अंतर्गत बेरई पंचायत के भोजपटी गांव में शनिवार को आयोजित किया गया। यह शिविर आत्मनिर्भर बिहार के सात निश्चय-2 योजना के अंतर्गत आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य पशुपालकों को पशुओं की देखभाल और इलाज के बारे में जागरूक करना है।

इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पशुपालकों ने भाग लिया और अपने पशुओं का उपचार कराया। पशु चिकित्सकों ने पशुओं के स्वास्थ्य की जांच कर आवश्यक दवाइयों का वितरण भी किया।
मुखिया कुणाल कुमार ने किया शिविर का उद्घाटन
शिविर का उद्घाटन मुखिया, कुणाल कुमार द्वारा फीता काटकर किया गया। उद्घाटन के बाद उन्होंने किसानों और पशुपालकों को संबोधित करते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम से पशुपालकों को काफी लाभ मिलता है और पशुपालन को बढ़ावा मिलता है।
उन्होंने किसानों से पशुओं के स्वास्थ्य और पोषण पर विशेष ध्यान देने की अपील की।
डॉक्टरों ने किया पशुओं का इलाज
शिविर में उपस्थित पशु चिकित्सकों द्वारा पशुओं की जांच कर इलाज किया गया। इस दौरान डॉ अदिति, डॉ गणेश शंकर विद्यार्थी, डॉ अंकिता कुमारी ने पशुओं की जांच कर उचित उपचार और दवाइयां उपलब्ध कराईं।
पशुपालकों के बीच विभिन्न प्रकार की दवाइयों का वितरण भी किया गया, जिनमें मुख्य रूप से —
- डायरिया की दवा
- भूख बढ़ाने की दवा
- कृमिनाशक दवा
अन्य आवश्यक पशु चिकित्सा दवाइयां शामिल थीं।
पशुपालकों को दी गई महत्वपूर्ण सलाह
पशु चिकित्सकों ने पशुपालकों को गाय और भैंस में बांझपन की समस्या से बचाव के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
मुख्य सुझाव इस प्रकार हैं —
- पशुओं के भोजन में हरे चारे का अधिक उपयोग करें
- पशुओं को मिनरल मिक्सचर पाउडर नियमित रूप से दें
- हर तीन महीने पर कृमिनाशक दवा दें
- गर्भावस्था के दौरान कमजोर गाय और भैंस को कैल्शियम की खुराक (50 एमएल प्रतिदिन) दें
- कैल्शियम के साथ विटामिन एडी3 मिलाकर देने की सलाह दी गई
300 पशुओं का किया गया इलाज
शिविर में बड़ी संख्या में पशुपालक अपने गाय और भैंस को लेकर पहुंचे। पशु चिकित्सक डॉ गणेश शंकर विद्यार्थी द्वारा पशुओं की जांच कर बांझपन से संबंधित उपचार और दवाइयां दी गईं।
इस शिविर के दौरान लगभग 300 पशुओं का इलाज किया गया और पशुपालकों को आवश्यक परामर्श दिया गया।
कार्यक्रम में ये लोग रहे मौजूद
इस अवसर पर कई पशुपालन कर्मी और ग्रामीण मौजूद रहे, जिनमें प्रमुख रूप से —
विनोद गुप्ता, विशंभर कुमार, शत्रुघन कुमार, अमरेश कुमार
सहित अन्य लोग शामिल थे।
कार्यक्रम की मुख्य बातें
- आत्मनिर्भर बिहार के सात निश्चय-2 योजना के तहत आयोजन
- स्थान : भोजपटी गांव, बेरई पंचायत, राजापाकर प्रखंड
- 300 पशुओं का इलाज किया गया
- पशुपालकों को दवाइयों का वितरण
- पशुओं के पोषण और देखभाल पर दी गई सलाह