संवाददाता रवीन्द्र नाथ गुप्ता
आजमगढ़ : कोविड 19 के तमाम गाइड लाइन के बावजूद धनतेरस पर गुरूवार नगर से लगायत ग्रामीण क्षेत्रों में बाज़ार गर्म रहा। खरीदारी के लिए लोगों का हुजूम बाजारों में उमड़ पड़ा. भारी चहल पहल व रौनक ने पर्व का उल्लास भी बढाने का कम किया। कोई इलेक्ट्रानिक की दूकान पर, कोई आभूषण की दूकान तो कोई बर्तन की दुकानों पर खरीदारी करता रहा। लक्ष्मी गणेश की प्रतिमाओं की दुकानों पर भी खूब भीड़ देखने को मिली। वहीं तमाम स्थानों भगवान धन्वन्तरी की विधि विधान के साथ पूजा अर्चना की गयी। धनतेरस के अवसर पर सबसे ज्यादा बिक्री बर्तनों की ही होती है। मान्यता है कि इसकी नकद खरीदारी बहुत शुभ होती है। ख़ास बात है कि अमीर व गरीब सभी के बजट को देखते हुए हर प्रकार के सामान उपलब्ध हो जाते हैं। इससे सभी का शुभ से बीतता है। बाज़ारों में जगह जगह नई बर्तनों की दुकानें भी लग गयीं थी।धनतेरस कार्तिक मास की त्रियोदशी तिथि को धनतेरस का त्योहार मनाया जाता है। इस बार धनतेरस का त्योहार 12-13 नवंबर को पड़ रहा है। धनतेरस की तिथि से पांच दिनों तक चलने वाले दीपावली महापर्व का आरंभ आज से सुरु हो जाता है। धनतेरस के दिन कुछ चीजों की खरीदारी को बहुत ही शुभ माना गया है।ऐसी मान्यता है की धनतेरस के दिन खरीदी गई चीजों से साल भर में 13 गुने की बढ़ोतरी होती है। धनतेरस पर भगवान धनवंतरी, मां लक्ष्मी और कुबेर भगवान की पूजा की जाती है। इस दिन नई चीजें खरीदने की परंपरा है क्योंकि मान्यता है कि इस दिन जो भी सामान घर में लेकर आते हैं, उसमें तेरह गुना की वृद्धि होती है। धनतेरस पर लोग इस कामना के साथ नया सामान घर में लाते हैं कि उनके घर में सुख-समृद्धि बनी रहे। धनतेरस पर सामान खरीदते। भगवान धनवंतरी की धातु पीतल मानी गई है, इसलिए धनतेरस पर पीतल के बर्तन खरीदना बहुत शुभ माना जाता है इसी वजह से बाजार में आज बर्तन की दुकानों पर काफी भीड़ जुट रही। इसके अलावा धनतेरस पर सोने, चांदी तांबे आदि का सामान भी खरीद सकते हैं। इन धातुओं की चीजें बहुत शुभ मानी जाती हैं, लेकिन इन धातुओं को खरीदते समय इनकी शुद्धता को अच्छे से जांच कर ही लेना चाहिए। धनतेरस के दिन ये चीजें घर में लाने से मां लक्ष्मी और धनवंतरी भगवान की कृपा से आरोग्यता और समृद्धि आती है। झाड़ू के मां लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है वही आज झाड़ू भी खूब बेचा जा रहा। इसलिए धनतेरस पर झाड़ू खरीदने का भी महत्व माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन नई झाड़ू लाने से मां लक्ष्मी का आगमन होता है। झाड़ू लाने से घर की नकारात्मक ऊर्जा बाहर निकल जाती है। धनतेरस के दिन लोग बहुत सारी नई चीजों खरीदते हैं। जिनमें आज नई गाड़ियों की दुकान पे भी जमकर खरीदारी हो रही। इस दिन लोहा खरीदना शुभ नहीं माना जाता है। धनतेरस पर कोई भी लोहे की नुकीली चीज भूलकर भी नहीं खरीदनी चाहिए। इससे हानि हो सकती है।वही धनतेरस पर एल्युमीनियम की चीजें खरीदने से भी बचना चाहिए। धनतेरस पर शीशे की चीजें नही खरीदना चाहिये, शीशे का संबंध राहु ग्रह से माना गया है। धनतेरस के दिन हो सके तो शीशा या शीशे की बनी हुई चीजें नहीं खरीदनी चाहिए। अन्यथा आपको नुकसान भी हो सकता है। इसी क्रम में आज नगर पंचायत व ग्रामीण इलाकों में बरतन तथा सोने चांदी की दुकानों पर खूब बिक्री हो रही है लोग जमकर खरीदारी कर रहे हैं तो वही दो पहिया, चार पहिया वाहनों की दुकानों पर भी सुबह से लोग लाइन लगाए हैं। नगर पंचायत में सबसे अधिक भीड़ बर्तन की दुकानों पर दिख रही है ।दीपावली का आगमन हो चुका है जिस पर लोग करोना कॉल को दरकिनार कर जमकर खरीदारी कर रहे हैं। पूरा नगर पंचायत गुलज़ार हो गया है,दुकाने पूरी तरह से सज चुकी है, विद्युत झालरों से घरों की शोभा बढ़ाई जा रही है।नगर पंचायत में साफ सफ़ाई की व्यवस्था भी सही कर दी गयी है। वहीं ग्रामीण इलाकों में भी धनतेरस की धूम है ।