संवाददाता पंकज कुमार
अंबेडकरनगर जिले के नवागत कप्तान ने अम्बेडकरनगर की कमान संभाल ली है। महराजगंज से स्थानांतरित होकर अम्बेडकरनगर की कमान संभालने वाले आईपीएस डॉक्टर कौस्तुभ
ने शनिवार को प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि जनसमस्याओं का त्वरित निस्तारण हमारी प्राथमिकता है। हमारी कोशिश रहेगी कि जनता को थानों के चक्कर न लगाने पड़े। महिलाओं पर होने वाले अपराधों की रोकथाम के लिए विशेष कार्यवाही की जाएगी।

पुलिस कप्तान ने साफ तौर पर अपराध और अपराधियों की रोकथाम के लिए कड़े कदम उठाने के संकेत दिए हैं।अपराध के पुराने मामलों का खुलासा करने के लिए टीमों को लगाया जाएगा। महिला अपराध पर अंकुश लगाने पर पुलिस काम करेगी।

आपको बता दें कि डॉक्टर कौस्तुभ बिहार के रहने वाले हैं। सन 2015 में पुलिस सेवा में भर्ती हुये डॉ0 कौत्सुक 2015 बैच के आईपीएस है और यूपी के विभिन्न जनपदों में अपनी सेवाएं दे चुके हैं।महिला संबंधी फर्जी मुकदमे दर्ज होने से रोकना भी एक बड़ी चुनौती है। रोजाना थानों में इस तरह से मामले दर्ज हो रहे हैं। मुकदमा दर्ज होने के बाद आरोपित ही पीडि़त बन जाते हैं, लेकिन उनकी सुनता कोई नहीं है। कानून व्यवस्था से लेकर जिले की सड़कों पर सुगम यातायात और चौराहों पर पुलिस की अवैध वसूली पर अंकुश लगाना नवागत पुलिस कप्तान के लिए बड़ी चुनौती साबित होंगे। जिले में हाल की आपराधिक घटनाओं के खुलासे में हुई देरी।पुलिस को चकमा देकर आरोपियों का अदालत में समर्पण और आम आदमी के साथ दुर्व्यवहार ने पुलिसिया कार्यशैली के प्रति अविश्वास बढ़ाया है।वहीं, थानों में दर्ज मुकदमों की बात की जाए तो ऐसे मुकदमे हैं जिनकी विवेचना लंबित है। मुकदमों की तफ्तीश में देरी की वजह से पीड़ित का हित तो प्रभावित होता ही है, न्याय प्रक्रिया पर भी इसका असर पड़ता है।इन हालात को देखते हुए जिले के लोगों को उम्मीद है कि नए कप्तान के आने के बाद पुलिस की कार्यशैली में सुधार आएगा और रोजमर्रा से जुड़ी उनकी समस्याओं का अंत होगा।वाहन चोरी के ज्यादा मामलों का खुलासा करना पुलिस के लिए चुनौती बना हुई है। इसके अलावा लूट, छिनैती और उचक्कागीरी के मामलों का खुलासा तो टेढ़ी खीर साबित हो रहा है।जिले के थानेदार अपराधियों पर गैंगेस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई में कोताही बरतते हैं। नतीजतन, अपराधियों को जल्द ही जमानत मिल जाती है और वे वापस अपने पुराने काम में लग जाते हैं।पहले दिन का वादा,नवागत एसपी ने मीडिया से पहले दिन वादा किया कि जिले में सभी से क्रमश: संवाद करूंगा। ऐसे में दूसरे दिन सभी अखबार के रिपोर्टर, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया व डिजिटल के लोगों से घटनाक्रम की स्थिति जानने के पश्चात न्याय दिलाने की कोशिश करूंगा।