आगरा, 14 मार्च। उत्तर भारत के युवाओं की प्रतिभा और कौशल का शानदार प्रदर्शन करते हुए इंडियास्किल्स उत्तर क्षेत्रीय प्रतियोगिता 2025–26 का समापन शनिवार को आगरा के बीएसएनएल ग्राउंड में हुआ। प्रतियोगिता में नौ उत्तरी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से आए 360 से अधिक प्रतिभागियों ने 63 विभिन्न स्किल श्रेणियों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय के तत्वावधान में तथा National Skill Development Corporation (एनएसडीसी) के सहयोग से आयोजित इस प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने राष्ट्रीय और वैश्विक इंडस्ट्री मानकों के अनुरूप तकनीकी विशेषज्ञता, रचनात्मकता और समस्या समाधान की क्षमता का प्रदर्शन किया।

समापन समारोह में 240 उत्कृष्ट प्रतिभागियों को विभिन्न मेडल प्रदान किए गए। इनमें 56 स्वर्ण, 50 रजत, 49 कांस्य और 85 मेडेलियन फॉर एक्सीलेंस शामिल रहे। प्रतियोगिता में क्लाउड कंप्यूटिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, सीएनसी मशीनिंग, मोबाइल ऐप डेवलपमेंट और वेब टेक्नोलॉजी जैसे आधुनिक क्षेत्रों के साथ-साथ हॉस्पिटैलिटी, ब्यूटी थेरेपी, फ्लोरिस्ट्री, फैशन टेक्नोलॉजी और वेल्डिंग जैसे ट्रेड्स में भी मुकाबले हुए।
मेडल तालिका में हरियाणा ने 45 पदकों के साथ पहला स्थान हासिल किया, जबकि उत्तर प्रदेश 44 पदकों के साथ दूसरे स्थान पर रहा।
इस अवसर पर भारत सरकार के कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा शिक्षा राज्य मंत्री Jayant Chaudhary ने कहा कि आगरा में आयोजित यह प्रतियोगिता भारत के स्किलिंग मूवमेंट की बढ़ती गति का मजबूत संदेश देती है। उन्होंने कहा कि इंडियास्किल्स जैसे प्लेटफॉर्म युवाओं की प्रतिभा को पहचानने, निखारने और उन्हें राष्ट्रीय व वैश्विक मंच तक पहुंचाने का अवसर प्रदान करते हैं।

उत्तर प्रदेश सरकार के उच्च शिक्षा मंत्री Yogendra Upadhyay ने कहा कि पारंपरिक शिल्प से लेकर आधुनिक तकनीकी क्षेत्रों तक उत्तरी भारत में कौशल की समृद्ध विरासत है और ऐसी प्रतियोगिताएं युवाओं को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर देती हैं।
वहीं, उत्तर प्रदेश सरकार के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमिता विभाग के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) Kapil Dev Agarwal ने कहा कि कौशल विकास युवाओं की क्षमता को सामने लाने का सबसे बड़ा माध्यम है और राज्य सरकार भविष्य के कौशलों पर विशेष जोर दे रही है।
एनएसडीसी के सीईओ Arun Kumar Pillai ने कहा कि आज स्किल्स केवल रोजगार का साधन नहीं बल्कि नवाचार, आर्थिक विकास और आत्मनिर्भरता की मजबूत नींव बन चुके हैं।
यह प्रतियोगिता इंडियास्किल्स 2025–26 चक्र की पांचवीं और अंतिम क्षेत्रीय प्रतियोगिता थी। इस चक्र में अब तक स्किल इंडिया डिजिटल हब के माध्यम से 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से 63 स्किल कैटेगरी में 3.65 लाख से अधिक उम्मीदवारों ने पंजीकरण कराया है।
उत्तर क्षेत्रीय प्रतियोगिता में हरियाणा, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, चंडीगढ़ और लद्दाख से प्रतिभागियों ने भाग लिया। मेडल विजेता अब नोएडा में आयोजित होने वाली राष्ट्रीय प्रतियोगिता में हिस्सा लेंगे और आगे चलकर 2026 में शंघाई में होने वाली वर्ल्डस्किल्स प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करने के और करीब पहुंचेंगे।