- संवाददाता प्रताप सिंह आजाद
आगरा: एसआर हॉस्पिटल में चार घंटे की नवजात बच्ची पर डॉक्टरों ने ऐसा कारनामा किया जो चिकित्सा इतिहास में दर्ज हो गया। बच्ची के गले में गलती से सोने की लोंग (नाक की नथ) फंस गई थी, जिसे डॉक्टरों ने एंडोस्कोपी की मदद से बिना कोई चीरा लगाए बाहर निकाला।

जानकारी के अनुसार, नवजात पर जन्म के कुछ घंटे बाद परिवार ने पारंपरिक रस्म के तहत ‘ओम’ लिखने और सजाने की प्रक्रिया शुरू की। इसी दौरान सोने की लोंग गलती से उसके मुंह में चली गई और गले में अटक गई। बच्ची को तुरंत एसआर हॉस्पिटल लाया गया, जहां डॉ. दीपक बंसल और उनकी टीम ने एंडोस्कोपी के ज़रिए लोंग को सुरक्षित निकाल लिया।
डॉक्टरों ने बताया कि यह देश के उन दुर्लभ मामलों में से एक है जब इतनी कम उम्र की बच्ची पर सफल एंडोस्कोपी की गई। फिलहाल बच्ची पूरी तरह स्वस्थ है।
डॉ. बंसल ने कहा, “परंपराएँ निभाना हमारी संस्कृति का हिस्सा है, लेकिन बच्चों की सुरक्षा हमेशा सर्वोपरि होनी चाहिए।”