संवाददाता – राजेन्द्र कुमार
राजापाकर/वैशाली भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) का 12वां अंचल सम्मेलन राजापाकर बाजार स्थित एक निजी स्कूल परिसर में आयोजित किया गया। सम्मेलन की अध्यक्षता कॉ. भगवत शाह ने की जबकि संचालन कॉ. महेंद्र गुप्ता ने किया।

सम्मेलन का उद्घाटन भाषण देते हुए कॉ. बिंदेश्वर राय ने कहा कि देश आज गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहा है। असमानता, गरीबी और महंगाई चरम पर है। आम किसान और मजदूर शोषण का शिकार हो रहे हैं। देश पर कर्ज का बोझ लगातार बढ़ रहा है। चंद लोग अमीर होते जा रहे हैं, जबकि गरीब और गरीब बनते जा रहे हैं। बेरोजगारी की समस्या विकराल रूप ले रही है।

उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार द्वारा लाई जा रही निजीकरण की नीतियों ने किसानों की स्थिति को बदतर बना दिया है। किसानों को समय पर खाद, बीज और कीटनाशक दवाएं नहीं मिल पा रही हैं, जिससे वे शोषण का शिकार हो रहे हैं। सरकार की यह घोषणा कि किसानों की आय दोगुनी की जाएगी, केवल जुमला साबित हुई है, क्योंकि स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट अब तक लागू नहीं की गई है।
सम्मेलन में यह निर्णय लिया गया कि किसानों और मजदूरों के हित में संघर्ष तेज किया जाएगा। मजदूरों को काम के अनुसार मेहनताना देने, प्रधानमंत्री आवास योजना की राशि बढ़ाकर ₹3 लाख करने, 60 वर्ष से अधिक उम्र वाले किसान-मजदूरों को ₹10,000 मासिक पेंशन देने और ‘माई-बहन सम्मान निधि’ के तहत प्रत्येक परिवार को ₹2,500 देने की मांग उठाई गई।
कार्यक्रम की शुरुआत पार्टी के लाल निशान फहराने के साथ हुई। अंचल परिषद राजापाकर की 15 सदस्यीय समिति का गठन किया गया, जिसमें सर्वसम्मति से जितेंद्र प्रसाद सिंह को अंचल सचिव चुना गया। सहायक अंचल सचिव के रूप में सुमन कुमार यादव का चयन हुआ। पर्यवेक्षक के रूप में जिला केंद्र से संतोष कुमार उपस्थित थे।
सम्मेलन में 13 सदस्यीय जिला प्रतिनिधि भी चुने गए। इस मौके पर जितेंद्र प्रसाद सिंह, महेंद्र गुप्ता, बिंदेश्वर राय, जगन्नाथ सिंह, भगवत शाह, सुमन कुमार यादव, दीपक कुमार, मनोहर कुमार, शंभू कुमार सिंह, रामनाथ सिंह समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।