सुशील चंद्र : लॉक डाउन में जहाँ सरकार द्वारा गरीबों की हर सम्भव मदद का प्रयास किया जा रहा है वहीं कुछ जिम्मेदार लोग ऐसी महामारी के समय में भी गरीबों के हितों पर डाका डालने में लगे हुए हैं।

ऐसा ही एक वाकया जैतपुर ब्लॉक के गोहरा ग्रामपंचायत के खेरा मजरा में प्रकाश में आया है जिसमें ग्रामीणों ने गावँ के प्रधान और पंचायत मित्र पर नरेगा जॉब कार्ड धारकों के लाखों रुपयों का फर्जी खातों के सहारे हड़प लिए जाने का आरोप लगाया गया है।गावँ के लगभग 65 जॉब कार्ड धारक महिला और पुरुषों के अनुसार प्रधान द्वारा फ़र्जी तरीके से जॉब कार्ड धारकों का पैसा हड़पा गया है और इस लाखों रुपये की धनराशि को विकास कार्य मे न लगाकर प्रधान और पंचायत मित्र द्वारा आपस मे बंदरबाँट कर लिया गया है और काम को कागजों में पूर्ण दिखा दिया गया है।इसका खुलासा गावँ के ही उदयवीर,रविंद्र, रमेश,राजाराम, विश्वनाथ, अंगूरी देवी,आशा देवी,चक्रवर्ती आदि ने किया है जिसमें बगैर कार्य के भुगतान होने का आरोप लगाया गया है।

ग्रामीणों के अनुसार बीते शनिवार को प्रधान द्वारा रात्रि में ट्रेक्टरों द्वारा गावँ में एक बंदा का निर्माण कराया जा रहा था जिसे नरेगा मजदूरों ने मौके पर पहुँचकर रुकवा दिया।मजदूर उदयवीर ने बताया कि कार्य रुकवाने पर ठेकेदार द्वारा उसके ऊपर ट्रैक्टर चढ़ाने की धमकी दी गयी है जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल किया गया।ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गावँ में नाली,खड़ंजा,आर सी सी आदि कार्य कराने के नाम पर लाखों रुपयों का गबन किया गया है।जॉब कार्ड धारक रमेश,आशा देवी,विश्वनाथ,उदयवीर, अंगूरी देवी,राजाराम,मायाराम,चक्रवर्ती,आदि ने बताया कि मनरेगा के नाम पर सरकारी धन के गबन का खेल पिछले कई वर्षों से किया जा रहा है।ग्रामीण गोरेलाल ने बताया कि उनका जॉबकार्ड 2008 में बना था तथा उनका खाता ग्रामीण बैंक में खुला हुआ है लेकिन इस खाते में कभी रुपये नही आये।पता लगाने पर ज्ञात हुआ कि इनके जॉब कार्ड पर अन्य खाता स्टेट बैंक में फर्जी तरीके से प्रधान द्वारा खुलवाकर रुपये निकाल लिए गए जब उन्होंने इसकी शिकायत पंचायत मित्र राहुल से की तो उनके द्वारा निपटारा करने की बात कही गयी लेकिन आज तक कोई कार्यवाही नही हुई है।ग्रामीण रविन्द्र कुमार ने भी अपने जॉब कार्ड पर कैनरा बैंक में फर्जी खाता अटैच होने की बात कही।अधिकांश ग्रामीणों का यही आरोप है कि प्रधान और पंचायत मित्र द्वारा अपने परिजनों और रिश्तेदारों के नाम से फर्जी खाते खुलवाकर जॉब कार्ड धारकों के रुपयों को हड़पा गया है।ग्रामीणों का कहना है कि घोटाले का यदि पर्दाफाश नही किया गया तो मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री से इस घोटाले की शिकायत की जाएगी।