संवाददाता राजेन्द्र कुमार
वैशाली /राजापाकर
खेतों में पककर तैयार खड़ी गेहूं की फसल इस असमय की बरसात के कारण बुरी तरह प्रभावित हुई है. जिससे किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं. पिछले कुछ दिनों से क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश से खेतों में पानी भर गया है।
कटाई के लिए तैयार गेहूं की बालियां पानी में भीगने और तेज हवाओं से गिरने के कारण खराब हो गई हैं. किसानों का कहना है कि इस बारिश से न केवल फसल की गुणवत्ता प्रभावित हुई है. बल्कि उपज में भी भारी कमी आने की आशंका है।हमने पूरे साल कड़ी मेहनत की और अच्छी फसल की उम्मीद कर रहे थे. लेकिन इस बेमौसम बारिश ने सब कुछ बर्बाद कर दिया. पानी भरने से गेहूं के दाने काले पड़ जाएंगे और बाजार में इसकी कीमत नहीं मिलेगी. हमारे लिए यह बहुत बड़ा नुकसान है. अनेक किसान महेश पंडित, लाल बाबू सिंह, गणेश राय ,रविंद्र सिंह, मिंटू सिंह आदि ने बताया कि यही गेहूं की फसल से किसान साल भर आटा खाते हैं एवं उसके भुसे को अपने जानवरों को साल भर खिलाते हैं .भारी बारिश से उनके आस पर पानी फिर गया है. विगत कुछ वर्षों में ऐसा पहली बार हुआ है कि लगातार तीसरी बार बारिश ने रवि की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया है।
किसानों का कहना है कि पहले से ही महंगाई और अन्य समस्याओं से जूझ रहे किसानों के लिए यह बेमौसम बारिश एक और बड़ा झटका है. उन्होंने सरकार से जल्द से जल्द नुकसान का आकलन करने और उचित मुआवजा प्रदान करने की मांग की है।