संवाददाता-राजेन्द्र कुमार
आज सुबह बागमली मोहल्ले के एक व्यक्ति अपने दस वर्षीय बच्चे अयान के साथ सदर अस्पताल परिसर में बैठे थे।
अचानक उनकी नजर जिलाधिकारी श्री यशपाल मीणा पर गई। वे दौड़े उनके पास आए। बोले, एक्सक्यूज मी सर! जिलाधिकारी ने पूछा क्या बात है। बीमार बच्चे के पिता ने बताया कि उनके बच्चा अयान के हाथ से टूट गई है। जिलाधिकारी ने पास खड़े अस्पताल अधीक्षक, जो हड्डी के डॉक्टर भी है, को तुरत बच्चे को देखने को कहा है। डीएम स्वयं बच्चे और उनके परिजनों को डॉक्टर के चेंबर में लेकर आए और वहीं बैठकर अपने सामने उसकी इलाज करवाई।
अयान के माता-पिता ने इसके लिए जिलाधिकारी को शुक्रिया अदा की है।