संवाददाता मोहन सिंह बेतिया
1970 से ही भाकपा माले में सक्रिय भूमिका में रहें अनिल बाला जी के निधन पर भाकपा माले केन्द्रीय कमिटी सदस्य सह सिकटा विधायक वीरेंद्र प्रसाद गुप्ता ने शोक व्यक्त करते हुए श्रधांजलि अर्पित किया।
कामरेड अनिल बालाजी लम्बी बिमारी से ग्रसित थे दिल्ली में एक नीजी अस्पताल में इलाज के दौरान दिनांक 28 जुलाई को निधन हो गया, उन्हें दिल्ली से परसौनी फार्म ( बगहा- 1) लाया गया जिन्हें आज 29 जुलाई को अंतिम संस्कार किया गया।

माले नेता वीरेंद्र प्रसाद गुप्ता ने कहा कि परसौनी फार्म क्षेत्र में सामंती ताकतों के खिलाफ आंदोलन हो या अपराध का तांडव के खिलाफ आंदोलन हो सभी आंदोलनों में बढ़ चढ़ कर भाग लिया, लौरिया चीनी मिल के कब्जे में पड़ी अवैध जमीन पर आंदोलन को सीधे अगुवाई किया जिसमें हमिदा मुसहर लोगों के बीच 16 बिगहा जमीन का बटवारा हुआ जो आज भी मुसहर लोगों के कब्जे में है जिस पर खेती करते है, आगे विधायक वीरेंद्र प्रसाद गुप्ता ने कहा कि एक समय ऐसा था जब जनवितरण दुकानदार जनता का राशन सब खा जाते थे। चारो तरफ लूट मचा हुआ था, कोई बोलने और सुनने वाला नहीं था, वैसे दौर में अनिल बालाजी ने भ्रष्ट डीलरों के खिलाफ निर्णायक आंदोलन खड़ा किया, जिसमें 13 भ्रष्ट डीलरों की दुकान रद्द हुई थी। अनिल बालाजी के घर पार्टी कार्यालय के रूप में लम्बे समय तक इस्तेमाल सोते रहा, बाहर से आने – जाने वाले नेताओं का देखरेख करना हो, या किराया भाड़े का इन्जाम करना आदि कार्यों को अंतिम समय तक निभाया। पार्टी पत्रिका लोक युध्द का आजीवन अध्ययन करते रहे। क्रांति के अग्रणी भूमिका अंतिम समय तक निभाई।

आज ऐसे समय में अनिल बालाजी को जाना पार्टी और परिवार को बड़ी क्षति हुई है। कामरेड अनिल बालाजी हमेशा याद रहेगा जनता के आंदोलनों में। कामरेड अनिल बालाजी को लाल सलाम, श्रधांजलि।