Agra News : आगरा के इतिहास पर आधारित लेखिका भावना वरदान शर्मा द्वारा लिखित पुस्तक आगरा मुगल नहीं ब्रजभूमि है पर परिचर्चा

Agra News: Discussion on the book written by writer Bhavna Vardan Sharma based on the history of Agra, Agra is not Mughal but Brajbhoomi.
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संवाददाता प्रताप सिंह आजाद

आगरा में आज दिनांक 6 नवंबर 2023 को आगरा के प्राचीन इतिहास पर लेखिका भावना वरदान शर्मा की बेस्ट सेलर किताब आगरा मुगल नहीं ब्रजभूमि है पर ब्रज महोत्सव समिति द्वारा परिचर्चा आयोजित की गई।

Agra News: Discussion on the book written by writer Bhavna Vardan Sharma based on the history of Agra, Agra is not Mughal but Brajbhoomi.
ब्रज महोत्सव समिति कार्यालय बेलागंज आगरा पर आयोजित इस परिचर्चा के मुख्य वक्ता श्री महेश चंद्र शर्मा रहे, मुख्य समीक्षक वरिष्ठ इतिहासकार डॉ राज किशोर शर्मा राजे और संस्थापक इंजीनियर राजकुमार शर्मा द्वारा सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर गोष्ठी का शुभारंभ किया गया। संचालन सुरेश शर्मा ने किया।

परिचर्चा में ब्रज महोत्सव समिति के संस्थापक इंजीनियर राजकुमार शर्मा, डॉ राम प्रकाश चतुर्वेदी, बृजेश अग्रवाल, अजय कौशल,राकेश शर्मा, नरेंद्र शर्मा, किरन एवं अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

*आगरा के प्राचीन इतिहास को लेकर लेखिका भावना वरदान शर्मा ने दिया वक्तव्य*
*आगरा के प्राचीन इतिहास को सामने लाने के लिए लिखी है पुस्तक*
*देशभर में आगरा के इतिहास को लेकर देशवासियों के मन में उत्सुकता है देश भर से ताज महल के सत्य को जानने के लिए याचिकाएं दी जा रही हैं*
*ताजमहल एक हिंदू भवन है इसका उल्लेख बाबरनामा शाहजहांनामा और अब्दुल हमीद लाहौरी द्वारा लिखित बादशाहनामा में मिलता है*
*प्राचीन काल से ही आगरा एक समृद्धशाली शहर रहा है जो ब्रजमंडल का अभिन्न अंग है*
जहां वैदिक संस्कृति का उदय हुआ ।

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मुख्य वक्ता महेश चंद्र शर्मा ने कहा भावना वरदान शर्मा की पुस्तक आगरा के प्राचीन इतिहास को लेकर एक मील का पत्थर साबित होगी। हाल ही के वर्षों में आगरा के इतिहास पर लिखी गई यह सर्वश्रेष्ठ पुस्तक है जिसे हर वर्ग के लेखक पसंद करेंगे। पुस्तक में प्रथम शताब्दी से लेकर 15वीं शताब्दी तक मुगलों से पूर्व विभिन्न कालखडो में आगरा के इतिहास पर प्रकाश डाला गया है। ताज महल, लाल किला और फतेहपुर सीकरी तथा आगरा के अन्य मुगल इमारतें के विषय में चौंकाने वाले सत्य बताए गए हैं।वरिष्ठ इतिहासकार राजकिशोर राजै ने कहा लेखिका ने अपनी बात बेबाक रूप से प्रस्तुत की है ।यह पुस्तक आगरा ही नहीं बल्कि पूरे ब्रज क्षेत्र के इतिहास को सामने लाकर खड़ा करती है और बताती है कि यह क्षेत्र किस तरह बार-बार उजड़ा एवं किस तरह उसने पुनः स्वयं को उबारा। आगरा मुगल नहीं ब्रज भूमि है की लेखिका भावना वरदान ने पुस्तक लिखने में भारी श्रम किया है , आगरा के वास्तविक इतिहास को जानने के लिए हर देशवासी को यह पुस्तक पढ़नी चाहिए।

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