संवाददाता मोहन सिंह बेतिया
जिलाधिकारी, कुंदन कुमार की अध्यक्षता में आज समाहरणालय सभाकक्ष में सीडब्लूजेसी/एमजेसी, लोकायुक्त, मानवाधिकार सहित अन्य विषयों की विस्तृत समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने निदेश दिया कि सभी कार्यालय प्रधान प्राथमिकता के तौर पर सीडब्लूजेसी/एमजेसी मामले में माननीय उच्च न्यायालय में प्रतिशपथ दायर करेंगे। साथ ही एमजेसी के मामले में प्राथमिकता के आधार पर माननीय उच्च न्यायालय में कारण पृच्छा दाखिल करेंगे।
उन्होंने निदेश दिया कि सभी संबंधित कार्यालय प्रधान विधि शाखा से समन्वय स्थापित कर तथ्य विवरणी ससमय दर्ज कराना सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने कहा कि सभी कार्यालय प्रधान सीडब्लूजेसी/एमजेसी, लोकायुक्त, मानवाधिकार आदि से संबंधित पंजी का संधारण करेंगे तथा ससमय कार्य निष्पादन को लेकर अपने कर्मी आदि के साथ साप्ताहिक बैठक करेंगे और प्रोसिडिंग विधि शाखा को उपलब्ध कराएंगे।
उन्होंने कहा कि ओथ दाखिल करने के उपरांत भी विधि शाखा को प्रतिवेदित करें। एसओएफ से संबंधित सभी कागजात अनिवार्य रूप से लेकर पटना जाएं। एसओएफ का अच्छे तरीके से अध्य्यन करें, इसके फैक्ट्स चेक करें। उन्होंने कहा कि अतिक्रमण से संबंधित मामलों में विशेष ध्यान दें।
जिलाधिकारी ने निदेश दिया कि अतिक्रमण से संबंधित मामलों से सम्बंधित कई वाद एसओएफ दाखिल करने के लिए लंबित हैं , प्राथमिकता के आधार पर और सही तरीके से एसओएफ एक सप्ताह लें दाखिल करें। एसओएफ फ़ाइल करने के लिए लास्ट डेट का इंतज़ार नहीं करें। उन्होंने कहा कि सीडब्लूजेसी को ख़ुद से माननीय उच्च न्यायालय के साइट पर चेस करें और एसओएफ दाखिल करने को कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि सीडब्लूजेसी में आदेश पारित हो जाने पर त्वरित गति से अनुपालन करें ताकि एमजेसी से बचा जा सके। एमजेसी में अधिकतम एक सप्ताह में प्रथमिकता के आधार पर कारण पृच्छा दाखिल करें।
कार्य में लापरवाही को लेकरअंचलाधिकारी, गौनाहा के विरुद्ध प्रपत्र-क गठित करने का निदेश जिलाधिकारी द्वारा दिया गया।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक, बेतिया, उपेन्द्र नाथ वर्मा, उप विकास आयुक्त, अनिल कुमार, सहित सभी कार्यालय प्रधान आदि उपस्थित रहे।