Meerut News: Second day of faculty development program organized online.
संवाददाता: मनीष गुप्ता
चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ के मान्यवर कांशीराम शोध पीठ एवम इंडियन इकोनॉमिक एसोसिएशन के सौजन्य से आज 28 फरवरी को सामाजिक एवम मानविकी विज्ञान में शोध प्रविधि एवम समंक विश्लेषण तकनीक विषय पर 14 दिवसीय संकाय विकास कार्यक्रम के दूसरे दिन कार्यक्रम के प्रथम सत्र में अर्थशास्त्र के आचार्य प्रो के एन भट्ट जी बी पी सामाजिक विज्ञान संस्थान इलाहाबाद विश्वविद्यालय, ने सभी प्रतिभागियों को सामाजिक विज्ञान शोध के विभिन्न आयामों पर सैद्धांतिक व व्यवहारिक रूप पर उदाहरण के माध्यम से अपने दीर्घ अनुभव के आधार पर तथ्यपरक विचार प्रस्तुत किए।

उन्होंने स्पष्ट किया कि सामाजिक विज्ञान में किस प्रकार से शोध विधियों को समझा जाता है। शोध विधियां क्या है? सैद्धांतिक व व्यवहारिक पक्ष क्या है? आंकड़ों के संकलन की वैज्ञानिक व व्यवहारिक विधियां क्या है? प्रस्नावली, अनुसूची, साक्षात्कार जैसी अनेक विधियों की विस्तृत वैज्ञानिक अवधारणा को स्पष्ट किया। उन्होंने पारटीसिपेट्री एक्शन शोध के विभिन्न आयामों की विस्तृत चर्चा की। इस सत्र में सभी प्रतिभागियों ने प्रतिभागिता की एवम अपनी अपनी शोध समस्याओं को दूर किया। कार्यक्रम के दूसरे सत्र में अर्थशास्त्र की आचार्य प्रो निधि शर्मा, बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय, वाराणसी ने शोध विधियों के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने मल्टीडिसिप्लिनरी शोध के विभिन्न पहलुओं को स्पष्ट किया।
उन्होंने मात्रात्मक और गुणात्मक शोध विधियों की बिंदुवार चर्चा की। परिकल्पना, शोध संरचना, शोध समस्या का चुनाव, संभावना, आगमन – निगमन रीती, लिकर्ट स्केल, सूचकांक आदि को स्पष्ट रूप से समझाया। सभी प्रतिभागियों ने इस गुणवत्तापूर्वक व्याख्यान का सिर्फ आनंद ही नहीं लिया बल्कि इसका लाभ भी उठाया। संकाय विकास कार्यक्रम के दूसरे दिन समापन सभी प्रतिभागियों के द्वारा आज के दोनो विशेष्यज्ञो को धन्यवाद प्रस्ताव द्वारा किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो संगीता शुक्ला, कुलपति, चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ ने की। कार्यक्रम का संचालन संकाय विकास कार्यक्रम के समन्वयक प्रो दिनेश कुमार अर्थशास्त्र विभाग ने किया।