संभल से भूपेंद्र सिंह संवाददाता
संभल: एम जी एम पी जी कालेज सम्भल में संस्कृत विभाग द्वारा डाक्टर अनुभा गुप्ता के नेतृत्व में संस्कृत महोत्सव सप्ताह के अंतर्गत संस्कृत सुभाषितवचनानि विषय पर स्लोगन प्रतियोगिता की गई। जिसमें शालिनी, निकिता, काजल, मुस्कान बंसल, मानसी शेखर ,देवराज, सुमित कुमार, सोनाली,लकी, अनामिका, इशिका, सुगमता,साक्षी,छाया आदि छात्राओं ने प्रतिभागिता की।

जिसमें मानसी शेखर प्रथम निकिता द्वितीय,काजल तृतीय स्थान पर रही। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ आबिद हुसैन हैदरी ने की। उन्होंने अपने विचार रखते हुए कहा कि किसी भी भाषा के ज्ञान के बिना हम अपना किया कार्य दूसरों को नहीं बता सकते। संस्कृतभाषा हमारी सबसे प्राचीन भाषा है जिसके माध्यम से हमने अपने किए कार्यों को सबके सामने व्यक्त करके गौरव का अनुभव किया। डाक्टर अमृतेश अवस्थी ने बताया संस्कृत संसार के सब मनुष्यों ऋषि-मुनियों एवं पूर्वजों की मातृभाषा थी जो मनुष्यों को वेदों का ज्ञान देने वाली माता सिद्ध हुई। संस्कृत भाषा सभी भाषाओं की जननी है।
डाक्टर राघवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा संस्कृत एक मात्र भाषा ही नहीं अपितु संस्कृत एक विचार है, संस्कृत एक संस्कृति है ,संस्कृत एक संस्कार है ,संस्कृत में विश्व का कल्याण है ,शांति है ,सहयोग है ,वसुधैव कुटुंबकम की भावना है। संस्कृत विभाग की प्रभारी डाक्टर अनुभा गुप्ता ने बताया कि आज हम अपनी परम्पराओं सभ्यता व संस्कृति को भूलते जा रहे हैं क्योंकि हम संस्कृत भाषा की ओर उदासीनता का रुख करते जा रहे हैं। संस्कृत भाषा तो देवभाषा कहीं जाती है जिस प्रकार हम देवों को प्रसन्न करके मनवांछित फल पाते हैं उसी तरह संस्कृत भाषा को पढ़कर हम अपने जीवन को संस्कारित ,सुखद व सम्पन्न बना सकते हैं। इस अवसर पर डाक्टर राघवेन्द्र प्रताप सिंह , डाक्टर अमृतेश अवस्थी, डाक्टर विकास यादव एवं छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।