संवाददाता दिलीप कुमार
इटावा: राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रदेश अध्यक्ष इं.हरिकिशोर तिवारी ने अंतर्जनपदीय शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश संयुक्त मंत्री,जिला अध्यक्ष इटावा संजीव कुमार यादव के आवास पर संगठन के पदाधिकारियों के साथ संगठन की आगे की रणनीति पर खुली बैठक की,जिसमें पुरानी पेंशन बहाली, वरिष्ठता बहाली,शिक्षकों को चिकित्सकीय प्रतिपूर्ति,शिक्षामित्रों का शिक्षक पद पर समायोजन तथा शिक्षक व स्नातक एमएलसी सीट पर किसी भी राजनैतिक दल के न लडने पर विस्तार पूर्वक विचार किया गया।बैठक के प्रारंभ में सर्वप्रथम अंतर्जनपदीय शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश संयुक्त मंत्री संजीव कुमार यादव तथा संगठन के अन्य पदाधिकारियों द्वारा मुख्य अतिथि राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रदेश अध्यक्ष इं.हरिकिशोर तिवारी व विशिष्ट अतिथि सेवानिवृत ग्राम विकास अधिकारी सी एल यादव व राज्यपाल पुरष्कृत सेवानिवृत शिक्षक अकबर सिंह का माल्यार्पण कर संगठन की पट्टिका व शॉल ओढ़ाकर एवं प्रतीक चिन्ह भेंट कर स्वागत व सम्मान किया गया। इसके उपरांत संगठन के प्रदेश संयुक्त मंत्री संजीव कुमार यादव ने पुरानी पेंशन बहाली मंच के प्रदेश संयोजक एवं राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रदेश अध्यक्ष इं.हरिकिशोर तिवारी के सामने आज प्रदेश के लगभग 80 प्रतिशत कर्मचारी जो नई पेंशन योजना से आच्छादित हैं की पीड़ा साझा की।क्योंकि राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद एवं शिक्षकों की एक ऐसे गुट ने पेंशन बहाली मंच बनाया है जो शिक्षकों में अपनी प्रासंगिकता पूर्णतः खो चुका है। अतः उन्होंने कहा कि प्रदेश का 80 परसेंट एनपीएस से आच्छादित कर्मचारियों शिक्षको के संघ जब तक इस पुरानी पेंशन बहाली मंच में प्रभावी भूमिका में सम्मिलित नहीं होंगे तब तक सफलता पाना दूर की कौड़ी साबित होगी क्योंकि पूर्व में यह मंच एनपीएस कर्मचारियों की मांग पर खरा नहीं उतर सका था।अतः पुरानी पेंशन के लिए बने किसी भी मंच में जब तक नई पेंशन योजना से आच्छादित कर्मचारियों को उचित स्थान नहीं दिया जाएगा तब तक किसी भी मंच का बनना बेईमानी साबित होगा।
संजीव कुमार यादव ने कहा कि आज एनपीएस कर्मचारी जो रिटायर हो रहे हैं उन्हें 1100-1200 रुपए पेंशन के रूप में प्राप्त हो रहे हैं जो इस बेतहाशा महंगाई में नगण्य के बराबर हैं तथा यह दावे के साथ कहा कि रिटायरमेंट से पहले शिक्षक कर्मचारी आत्महत्या करने पर मजबूर होगा।वहीं एक जनपद से दूसरे जनपद में स्थानांतरित होने पर शिक्षक की सेवा शून्य मानी जाती है जिसे प्रथम नियुक्ति माना जाए क्योंकि शिक्षकों की नियुक्ति पहले जनपद स्तर पर होती थी परंतु हाल के वर्षों में नियुक्ति प्रदेश स्तर पर किसी भी जनपद में दी जा रही है अतः वरिष्ठता भी प्रथम नियुक्ति तिथि होनी चाहिए तथा शिक्षकों को राज्य कर्मचारियों की भांति चिकित्सकीय लाभ भी मिलना चाहिए एवं उन्होंने कहा कि शिक्षामित्रों,अनुदेशकों एवं वित्तविहीन शिक्षकों को समान कार्य समान वेतन दिया जाना चाहिए। शिक्षामित्रों को जल्द से जल्द सरकार शिक्षक पद पर समायोजित करे।
प्रांतीय संयुक्त मंत्री ने इस आशा के साथ राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रदेश अध्यक्ष से इन मांगों के विषय में कहा है कि वे इसे हल कराने की ओर प्रभावी कदम उठाएंगे एवं शिक्षक स्नातक एमएलसी सीट पर किसी भी राजनैतिक दल के प्रत्याशी को आगे से वोट न करने की अपील की क्योंकि यह विधान परिषद सदस्य शिक्षक या बेरोजगार ही होने चाहिए वही कर्मचारी शिक्षकों,बेरोजगारों के दर्द को समझ सकते हैं एवं जायज मांगों को सदन में उठा पाएंगे।तथा उन्होंने अपील की कि विधान परिषद सदस्य के चुनाव में वोट का अधिकार परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों को भी होना चाहिए इस ओर संगठनों की ओर से प्रभावी कदम उठाए जाएं। इसी बीच अटेवा के मैनपुरी जिला महामंत्री शशिकांत दीक्षित ने अपने क्रांतिकारी उद्बोधन में एनपीएस कर्मचारियों की पीड़ा को विस्तार पूर्वक रखा तथा उन्होंने चेतावनी दी कि पूर्व की भांति यदि यह पेंशन बहाली मंच बीच में ही अपनी मांग को ना मनवा कर सरकार के साथ समझौता करेगा तो ऐसे कर्मचारी शिक्षक नेताओं का कुर्ता खींचने से भी हम एनपीएस कर्मचारी पीछे नहीं हटेंगे।बैठक में वरिष्ठ शिक्षक ब्रजेन्द्र यादव ने एन पी एस कर्मचारी शिक्षकों को मंच में शामिल न करने पर चेताया भी।
बैठक में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रदेश अध्यक्ष इं.हरिकिशोर तिवारी ने पुरानी पेंशन बहाली के लिए बने महासंघ में एनपीएस कर्मचारियों के किसी भी संघ को उचित स्थान देने को गंभीरता से न लेते हुए कोई ठोस आश्वासन नहीं दिया।जिस कारण सभी एनपीएस कर्मचारी संघ जिसमें अंतर्जनपदीय शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन,अटेवा,बेसिक शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन, प्रशिक्षित स्नातक वेलफेयर एसोसिएशन,सिंचाई संघ,लेखपाल संघ,पंचायती राज संघ,ग्राम्य विकास संघ,मिनिस्ट्रियल एसोसिएशन,सफाई कर्मी संघ,शिक्षामित्र एसोसिएशन,अनुदेशक संघ,वित्त विहीन शिक्षक महासभा शीघ्र ही महासंघ के रूप में अपना निर्णय लेने के लिए बाध्य होंगे।कार्यक्रम के अंत में अंतर्जनपदीय शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन की सदस्यता लेने वाले शिक्षक प्रियंका गुप्ता,ज्योति,प्रीति यादव, पूजा यादव, पूनम, दिलीप कुमार आदि को संगठन की जिला उपाध्यक्ष स्वीटी मथुरिया के नेतृत्व में प्रदेश संयुक्त मंत्री,जिला अध्यक्ष संजीव कुमार यादव एवं प्रदेश अध्यक्ष राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद इं. हरिकिशोर तिवारी ने संगठन की पट्टिका पहनाकर संगठन में उनका स्वागत किया।
बैठक में अंतर्जनपदीय शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के जिलामंत्री विनय कुमार,वरिष्ठ उपाध्यक्ष सन्दीप कुशवाहा,कोषाध्यक्ष सुमतिनारायण दीक्षित,उपाध्यक्ष अखिलेश कुमार,कवल किशोर,स्वीटी मथुरिया संगठन मंत्री उमाकांत,सन्तोष दोहारिया,संजय पाठक,नीरज पाल,अर्चना चौधरी प्रवक्ता प्रभाकर बघेल,विवेकराज दुबे,संजय सिंह,अटेवा मैनपुरी महामंत्री शशिकांत दीक्षित,महामंत्री इटावा विजय कुमार सिंह,ब्लॉक अध्यक्ष बढ़पुरा अश्वनी चौधरी,मंत्री उमेश कुमार गोयल,कोषाध्यक्ष सचिन दुबे,मनीष चौधरी,आलोक यादव,अभय यादव,ब्लॉक ताखा मंत्री राघवेंद्र,वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रवीण यादव,चन्द्र प्रकाश,महेवा से एस पी यादव,ब्रजेन्द्र यादव,ओमप्रकाश आर्य,अनिल यादव,सुदेश कुमार गोयल,प्राथमिक शिक्षक संघ संगठन मंत्री राजेश यादव,प्रबन्धक सर्वेश यादव,सैफई से उपाध्यक्ष डॉ प्रदीप यादव,यतेंद्र यादव,विमल कुमार यादव,प्रदीप सिंह यादव,दिनेश माथुर,भावुक वर्मा,बसन्त राजपूत,जागेश्वर दयाल,अशोक यादव,हरविलास,राजीव यादव,बीना कुमारी,सौरभ सहित बड़ी संख्या में जनपद व सभी ब्लॉकों के पदाधिकारी उपस्तिथ रहे।