संवाददाता रिषीपाल सिंह
इटावा: वर्तमान समय मे जनपद इटावा में कुल 471 ग्राम पंचायते है, जिसमे प्रत्येक ग्राम पंचायत में एक जनसेवा केंद्र (सीएससी) सीएमएस कंपनी के माध्यम से संचालित किया जा रहा है। जनसेवा केंद्रों के माध्यम से 35 शासकीय विभागों की 250 से अधिक सेवाएं पूरे प्रदेश में आम जनता को प्रदान की जा रही है।

ई डिस्ट्रिक्ट मैनेजर श्री अजय प्रताप सिंह जी से हुई बातचीत में उन्होंने बताया कि अब प्रत्येक ग्राम पंचायत में दो जनसेवा केंद्र जारी किए जाएंगे जिसके लिए प्रारंभिक प्रक्रिया को पूर्ण कर लिया गया है, तथा अब जनपद इटावा में दो कंपनियों को कार्य करने की अनुमति प्रदान की गयी है। जिसमे प्रथम कंपनी सीएससी तथा दूसरी कंपनी सीएमएस है आय, जाति, सामान्य निवास के लिए आम जनता को 20 रूपये शुल्क का भुगतान करना पड़ता है जिसमे वी एल ई को एक प्रमाण पत्र के लिये 3.75 रुपये दिए जाते है, लेकिन अब आम जनता को 20 रुपये की जगह 30 रुपये का शुल्क देना होगा, जिसमे वीएलई को 14.50 रुपये वापस किया जाएगा, यह करार सीएससी ने किया है लेकिन सीएमएस कंपनी वीएलई को 12.50 रुपये देने का करार कर रही है यदि कंपनी वीएलई को 14.50 रुपये का भुगतान नही करती हैं तो अगली कंपनी वीएलएस को कार्य करने का मौका प्रदान किया जाएगा। ईडीएम ने आगे बताया कि वीएलई के भुगतान का फैसला आगे आने वाली सभा मे किया जाएगा, कि दूसरी कंपनी के रूप में किस कंपनी को कार्य करने का मौका मिलता है अभी तक तो सीएससी व सीएमएस को जनपद में कार्य करने का मौका प्रदान किया गया है। इसी माह के अंत तक जनसेवा केंद्रों के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया प्रारम्भ कर दी जाएगी तथा अगले माह तक प्रत्येक ग्राम पंचायत में दो जनसेवा केंद्र संचालित होने लगेंगे, शहरी क्षेत्र में 10 हजार की आवादी पर एक जनसेवा केंद्र नियुक्त किया जाएगा।