Agra News :आगरा शांतिपुरम में व्यापारी को हवा में फायर कर रंगदारी की धमकी, विनय अग्रवाल ने उठाए सवाल
आगरा। थाना जगदीशपुरा क्षेत्र के शांतिपुरम में व्यापारी को कथित तौर पर हवा में फायर कर धमकी देने और रंगदारी मांगने का मामला सामने आया है। घटना को लेकर क्षेत्र में व्यापारी वर्ग के बीच चिंता का माहौल है। मामले में समाजवादी पार्टी के आगरा दक्षिण विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी विनय अग्रवाल ने व्यापारी से मुलाकात कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली और हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।
बताया गया है कि बैनारा फैक्ट्री के पीछे शांतिपुरम क्षेत्र में कृष्णा डेयरी के मालिक व्यापारी हरिशंकर को कुछ लोगों ने कथित तौर पर हवा में फायर कर धमकाया और रंगदारी की मांग की। घटना के बाद व्यापारी ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची।
प्रेस नोट के अनुसार, घटना की सूचना पुलिस को तत्काल दिए जाने के बावजूद मामले में FIR अगले दिन दोपहर 1:38 बजे थाना जगदीशपुरा में दर्ज हुई। इसी को लेकर विनय अग्रवाल ने FIR दर्ज होने में हुई देरी पर सवाल उठाते हुए इसकी जांच की मांग की है।
विनय अग्रवाल ने व्यापारी से मुलाकात के बाद कहा कि यदि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई थी, तो मुकदमा दर्ज करने में अगले दिन तक का समय क्यों लगा, इसकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि व्यापारियों की सुरक्षा को लेकर पुलिस-प्रशासन को गंभीरता से काम करने की जरूरत है।
उन्होंने कहा, “जब अपराधी खुलेआम फायरिंग कर व्यापारियों को धमका रहे हैं और रंगदारी मांग रहे हैं, तो फिर कानून का राज कहां है? कानून के राज का खोखला नारा नहीं, अपराधियों पर सख्त कार्रवाई चाहिए।”

विनय अग्रवाल ने बताया कि वह इस मामले को लेकर कलेक्ट्रेट में डीसीपी से मुलाकात करेंगे। इस दौरान उनकी ओर से कथित रूप से घटना में शामिल आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी, व्यापारी को सुरक्षा उपलब्ध कराने तथा FIR दर्ज होने में हुई देरी की जांच की मांग की जाएगी।
उन्होंने कहा कि व्यापारियों में सुरक्षा की भावना मजबूत करने के लिए पुलिस को ऐसे मामलों में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई करनी चाहिए। साथ ही घटना में शामिल आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
मुलाकात के दौरान सतीश चाहर (अध्यक्ष, आगरा दक्षिण विधानसभा), दयाराम प्रजापति, हिमांशु यादव, भानु प्रताप सिंह सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
नोट: रंगदारी, फायरिंग और धमकी से जुड़े आरोप प्रेस नोट में बताए गए हैं। आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगी।