संवाददाता: राजेन्द्र कुमार
स्थान: राजापाकर (वैशाली)
बिहार दिवस के अवसर पर राजापाकर प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न सरकारी एवं गैर-सरकारी शिक्षण संस्थानों में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इसी कड़ी में जनता पुस्तकालय शनिचर हाट के परिसर में भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में कई जनप्रतिनिधि, शिक्षाविद एवं समाजसेवी उपस्थित रहे। समाजसेवी अनिल कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि 22 मार्च 1912 को ब्रिटिश शासन द्वारा बिहार को बंगाल से अलग कर एक नए प्रांत के रूप में स्थापित किया गया था। इसी ऐतिहासिक दिन की स्मृति में बिहार दिवस मनाया जाता है।
उन्होंने बताया कि बिहार दिवस मनाने की शुरुआत वर्ष 2010 में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा की गई थी। यह दिवस बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक धरोहर और गौरवशाली परंपराओं को सहेजने और मनाने का अवसर प्रदान करता है।
अन्य वक्ताओं ने भी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बिहार दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला और इसे राज्य के लिए ऐतिहासिक दिन बताया।
कार्यक्रम में राम ललित सिंह, अनिल कुमार, रामप्रवेश सिंह, भगवान सिंह, देवेंद्र सिंह, सकल सिंह, दामोदर सिंह, रणवीर सिंह, सीताराम सिंह एवं हरि सिंह सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
इस दौरान प्रसिद्ध व्यास जनार्दन सिंह की कीर्तन मंडली के कलाकार लाला सिंह एवं मंजेलाल ने राष्ट्रगीत की प्रस्तुति देकर उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। उत्कृष्ट सांस्कृतिक प्रस्तुति के लिए व्यास जनार्दन सिंह को फूल-माला पहनाकर सम्मानित किया गया।