बेतिया/पश्चिम चंपारण। चार श्रम कोड के विरोध में आहूत देशव्यापी हड़ताल को जिले में व्यापक समर्थन मिला। इस दौरान आयोजित सभा को संबोधित करते हुए भाकपा माले केन्द्रीय कमिटी सदस्य सह पूर्व विधायक वीरेंद्र प्रसाद गुप्ता ने कहा कि चारों लेबर कोड मजदूरों के अधिकारों पर हमला हैं और यह संविधान की मूल भावना के खिलाफ है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुराने श्रम कानून किसान-मजदूर संघर्षों से हासिल हुए थे, जिन्हें खत्म कर नए कोड लागू किए गए हैं।

ऐक्टू जिला अध्यक्ष सह निर्माण मजदूर संघ नेता जवाहर कुशवाहा ने कहा कि वेतन संहिता 2019 वापस ली जाए और चारों लेबर कोड रद्द किए जाएं। उन्होंने कहा कि ‘फ्लोर वेज’ के नाम पर न्यूनतम मजदूरी को नीचे लाने की कोशिश हो रही है, जिससे मजदूरों के जीवनयापन पर असर पड़ेगा। उन्होंने ठेका और अनुबंध प्रथा को मजदूर शोषण बढ़ाने वाला बताया।
भाकपा माले नेता एवं अखिल भारतीय किसान महासभा जिला अध्यक्ष सुनील कुमार राव ने भारत-अमेरिका कृषि व्यापार समझौते को किसानों के हित के विरुद्ध बताते हुए इसे रद्द करने की मांग की। उन्होंने कहा कि इससे भारतीय कृषि और किसानों पर कॉर्पोरेट कंपनियों का नियंत्रण बढ़ेगा।
खेत व ग्रामीण मजदूर सभा जिला अध्यक्ष संजय राम ने कहा कि 44 पुराने श्रम कानूनों को समाप्त कर बनाए गए चार लेबर कोड मजदूरों की कानूनी सुरक्षा को कमजोर करते हैं। उन्होंने लंबे कार्यघंटों और यूनियन अधिकारों पर खतरे की बात कही तथा मनरेगा को प्रभावी ढंग से लागू करने की मांग की।
बेतिया राज भूमि अधिकार संघर्ष मोर्चा अध्यक्ष संजय यादव ने कहा कि जहां लोग बसे हैं, उन्हें वहीं कानूनी अधिकार दिया जाए और बुलडोजर कार्रवाई रोकी जाए। सभा को संजय मुखिया, फरहान राजा, अफाक अहमद, सुरेंद्र चौधरी, वीरेंद्र पासवान, सरवर इमाम उर्फ सोनू, जोखू चौधरी, जुलकर नैन, सीताराम राम, अच्छे लाल राम, ठाकुर साहब, हारून गद्दी, इसलाम अंसारी, भरत शर्मा, असर्फी राम, महेंद्र राम, रिखी साह, प्रकाश माझी, अभिमन्यु राव सहित कई नेताओं ने संबोधित किया।