संवाददाता : राजेन्द्र कुमार
स्थान : राजापाकर, जिला वैशाली (बिहार)
दिनांक : 11 मार्च 2026
वैशाली के बदनपुर मिल्की में शहीद जुब्बा सहनी को दी गई श्रद्धांजलि
वैशाली जिले के राजापाकर प्रखंड स्थित नारायणपुर बुजुर्ग पंचायत के बदनपुर मिल्की ग्राम में महान स्वतंत्रता सेनानी अमर शहीद जुब्बा सहनी का शहादत दिवस श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया गया। यह कार्यक्रम अखिल भारतीय नोनिया निषाद महासभा के राष्ट्रीय संयोजक और भाजपा के वरिष्ठ नेता अभिनंदन सहनी के नेतृत्व में आयोजित किया गया।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने अमर शहीद जुब्बा सहनी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके बलिदान को याद किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और समाज के विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
अभिनंदन सहनी ने शहीद जुब्बा सहनी के जीवन पर डाला प्रकाश
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अभिनंदन सहनी ने कहा कि हर वर्ष 11 मार्च को देशभर में अमर शहीद जुब्बा सहनी का शहादत दिवस धूमधाम से मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि जुब्बा सहनी का जीवन देशभक्ति, साहस और बलिदान का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम के दौरान जुब्बा सहनी ने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ संघर्ष करते हुए अपने प्राणों की आहुति दी थी। उनका बलिदान भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में याद किया जाता है।
शिक्षण संस्थानों में पढ़ाई जानी चाहिए शहीदों की गाथा
अभिनंदन सहनी ने अपने संबोधन में कहा कि देश के सभी विद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों में अमर शहीद जुब्बा सहनी के संघर्ष और बलिदान की गाथा पढ़ाई जानी चाहिए। इससे नई पीढ़ी को देशभक्ति, संघर्ष और सामाजिक एकता की प्रेरणा मिलेगी।
उन्होंने कहा कि जुब्बा सहनी का जीवन हमें अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने, समाज को संगठित करने और अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करने की प्रेरणा देता है।
राष्ट्रीय मछुआरा आयोग के गठन की उठी मांग
कार्यक्रम के दौरान समाज के सर्वांगीण विकास को लेकर भी चर्चा की गई। इस अवसर पर राष्ट्रीय मछुआरा आयोग के गठन के लिए केंद्र सरकार से आग्रह किया गया।
अभिनंदन सहनी ने कहा कि मछुआरा समाज के विकास और उनके अधिकारों की सुरक्षा के लिए राष्ट्रीय स्तर पर एक आयोग का गठन बेहद जरूरी है, जिससे समाज के लोगों को योजनाओं का उचित लाभ मिल सके।
देश के लिए ईमानदारी से कार्य करने की अपील
शहादत दिवस के अवसर पर उपस्थित सभी लोगों को देश के प्रति ईमानदारी और समर्पण के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि शहीदों के बलिदान को सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी जब हम उनके आदर्शों पर चलकर समाज में एकता, शिक्षा और भाईचारे को मजबूत करें।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे । इस शहादत दिवस कार्यक्रम में समाज के कई गणमान्य लोग और ग्रामीण उपस्थित रहे।
मुख्य रूप से उपस्थित लोग:
अभिनंदन सहनी, रामनरेश सिंह निषाद, अधिवक्ता उमाशंकर सहनी, रोशन सिंह काशी, रविंद्र सहनी, अजय सहनी, रामानंद सहनी, अशोक सहनी, सतीश सहनी, सूरज सहनी, रामदेव सहनी, बबलू सहनी, प्रद्युम्न सहनी, गोलू सहनी, दिव्यांशु, हीरालाल सहनी, विनीत, सुमन सहनी, मंदीप, संदीप सहनी सहित कई अन्य लोग मौजूद रहे।