सुनील पांडेय : कार्यकारी संपादक
भारत की सात मोक्षदायनी नगरियों में एक अयोध्या में आज अखिल ब्रह्मांड नायक मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के भव्य मंदिर निर्माण हेतु भूमि पूजन का आयोजन देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र दामोदर दास मोदी के कर कमलों द्वारा आज दोपहर अभिजीत मुहूर्त 12:00 बज कर 44 मिनट 8 सेकंड पर सकुशल संपन्न हुआ।

भूमि पूजन में शामिल विशिष्ट अतिथियों में उत्तर प्रदेश की महामहिम राज्यपाल श्रीमती आनंदी वैन पटेल ,मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, , आरएसएस प्रमुख श्री मोहन भागवत , श्री रामजन्म भूमि निर्माण ट्रस्ट के मुखिया महंत श्री नृत्य गोपाल दास सहित लगभग 200 गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे ।इसके अलावा भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता श्री लाल कृष्ण आडवाणी एवं मुरली मनोहर जोशी भी वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए उपस्थित रहे।
इस शुभ अवसर पर समग्र अयोध्या नगरी को दीपमालिकाओं एवं विद्युत प्रकाश के माध्यम से दुल्हन की तरह सजाया गया है।अयोध्या के इस अद्भुत सौंदर्य को देखकर मानो ऐसा लग रहा है जैसे दीपोत्सव का त्योहार आज मनाया जा रहा हो। हम इतिहास का अवलोकन करें तो मुगल काल में बाबर के शासनकाल में मीर बकी ने भगवान राम के भब्य मंदिर को मस्जिद के रूप में परिवर्तित कर दिया था। तब से लेकर आज तक लगभग 492 वर्षों के लंबे समयांतराल के बाद आज 5 अगस्त 2020 को यह शुभ दिन आया। जिसकी प्रतीक्षा अधिकांश भारतीय हिंदू जनमानस एवं रामभक्तों को सदियों से रही जो आज जाकर कहीं पूरी हुई।

राम मंदिर निर्माण का यह स्वप्न हजारों संत, महात्मा एवं महापुरषों के कई वर्षों के तपस्या एवं बलिदान का फल कहीं आज जा कर सुफल हुआ। भारतीय हिंदू जनमानस के मस्तिष्क पटल पर यह शुभ तिथि 5 अगस्त स्वर्ण अक्षरों में अंकित रहेगी। कोविड-19 महामारी के चलते इस आयोजन में बहुत ही कम लोगों को आमंत्रित किया गया था। अयोध्या मे राम मंदिर निर्माण से संबंधित यह भूमि पूजन संबंधी महा आयोजन आज सकुशल सम्पन्न हुआ।यह अद्भुत संयोग है कि यह पुनीत कार्य एक सनातन परंपरा का निर्वाह करने वाले रामभक्त पीएम नरेन्द्र मोदी द्वारा सम्पन्न हुआ।अयोध्या के भूमि पूजन संबंधी स्थल को देखते हुए मानो ऐसा लग रहा जैसे सचमुच रामावतरण हो रहा हो।किसी ने ठीक ही कहा है-
अवध में हुआ आज भूमि पूजन।
खुशी है भारत के सब जन।।
धरा खुश है ,गगन खुश है।
और खुश हैं मेरे रघुनंदन।।
करें हम रामलला का अभिनंदन।
जगत के स्वामी का वंदन।