प्रयागराज संवाददाता – उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव मौर्या ने कल शुक्रवार को सर्किट हाउस में मीडिया कर्मियों से बात करते हुए कहा कि प्रदेश में सरकारी नौकरियों में 5 वर्ष की संविदा पर करने की सरकार की कोई मंशा नहीं है और ना ही रिटायरमेंट की आयु सीमा 50 वर्ष निर्धारित करने की। अपनी बात को और अधिक स्पष्ट करते हुए उन्होंने आगे कहा की मुद्दा विहीन विपक्ष नौकरी में संविदा की अनिवार्यता को लेकर भ्रम फैला रहा है।

राज्य सरकार द्वारा संविदा से संबंधित ऐसा कोई भी नियम पारित नहीं किया गया है और ना ही भविष्य में किए जाने की उम्मीद ही है। पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए डिप्टी सीएम ने कहा प्रदेश में सरकारी नौकरी की जो प्रक्रिया पूर्व में थी वही आगे भी जारी रहेगी। इस विषय को लेकर जो भ्रामक जानकारी दी जा रही है वह नितांत गलत क्यों कपोल कल्पित है । प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिवस पर प्रदेश के विभिन्न जिलों में हुए विरोध प्रदर्शन पर डिप्टी सीएम ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र में मोदी सरकार पिछले 6 वर्ष में और प्रदेश में योगी सरकार के साढे़ तीन वर्ष की उपलब्धियों से विपक्ष आपा खो बैठा है और इसी वजह से वह सुर्खियों में बने रहने के लिए युवाओं को गुमराह कर रहा है। यह विपक्ष की एक सोची समझी रणनीति है । युवा इनकी बातों में ना आएं यह सब काल्पनिक एवं तथ्यहीन बातें हैं। इतना ही नहीं उन्होंने पिछली सरकारों पर चुटकी लेते हुए आगे कहा कि सपा एवं बसपा के शासनकाल में प्रत्येक भर्ती भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाती थी और युवाओं को लाखों रुपए देकर नौकरियां प्राप्त होती थी लेकिन भाजपा सरकार में योग्यता के आधार पर लोगों को नौकरी मिल रही है। उन्होंने केंद्र सरकार के कृषि विधेयक पर भी अपनी बात रखते हुए आगे कहा कि मोदी सरकार ने किसानों के हितों में काम किया है ,पीएम मोदी के रहते किसानों को का किसी भी प्रकार का अहित संभव नहीं है।