संवाददाता : मोहन सिंह
बेतिया । पश्चिमी चंपारण
खेल विभाग एवं बिहार राज्य खेल प्राधिकरण, पटना के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित विभिन्न राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में पश्चिम चंपारण जिले के युवा पहलवान सुमन कुमार यादव ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए जिले एवं राज्य का नाम रोशन किया है।

बगहा निवासी सुमन कुमार यादव, पिता भूषण यादव, ने कुश्ती प्रतियोगिताओं में लगातार शानदार प्रदर्शन कर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। उनकी उपलब्धियों पर जिला प्रशासन द्वारा उन्हें सम्मानित किया गया।

सुमन कुमार यादव ने बताया कि कुश्ती की प्रारंभिक शिक्षा उन्हें अपने दादा से विरासत में मिली। जिला खेल पदाधिकारी विजय कुमार पंडित ने कहा कि सुमन शांत स्वभाव, अनुशासनप्रिय एवं मेहनती खिलाड़ी हैं, जिनकी लगन उन्हें लगातार सफलता की ओर ले जा रही है।
सुमन की खेल यात्रा वर्ष 2018 में नई दिल्ली में आयोजित नेशनल स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया प्रतियोगिता से शुरू हुई, जहां अंडर-14 आयु वर्ग (48 किलोग्राम) में उन्होंने कांस्य पदक जीतकर पहला राष्ट्रीय मेडल हासिल किया। इसके बाद उन्होंने लगातार सफलता की नई इबारत लिखी।
वर्ष 2022 में रांची में आयोजित राष्ट्रीय सब-जूनियर चैंपियनशिप (अंडर-17, 55 किलोग्राम) में सिल्वर मेडल प्राप्त किया। वहीं वर्ष 2023 में नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय स्कूल गेम्स (अंडर-19, 57 किलोग्राम) में भी रजत पदक जीतकर बिहार को गौरवान्वित किया।
सीनियर वर्ग में भी सुमन ने अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। 38वें नेशनल गेम्स 2025 उत्तराखंड, सीनियर नेशनल चैंपियनशिप 2025 गुजरात तथा सीनियर नेशनल चैंपियनशिप 2026 गाजियाबाद में टॉप-5 स्थान प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
इसके अतिरिक्त बिहार किशोर स्पर्धा सोनपुर (2022), बिहार मल्ल युद्ध सोनपुर (2023 एवं 2025) तथा बिहार मल्ल युद्ध जमुई (2026) सहित कई दंगल प्रतियोगिताओं में गोल्ड मेडल जीतकर उन्होंने पश्चिम चंपारण का मान-सम्मान बढ़ाया।
सोमवार को प्रभारी जिलाधिकारी काजले वैभव नितिन ने समाहरणालय सभाकक्ष में सुमन कुमार यादव को मेडल, शॉल, पाग एवं गदा देकर सम्मानित किया। उन्होंने आश्वासन दिया कि खिलाड़ी के बेहतर प्रशिक्षण हेतु सरकार स्तर पर हर संभव सहयोग किया जाएगा।
प्रभारी जिलाधिकारी ने खिलाड़ियों को प्रेरित करते हुए कहा कि सफलता के लिए खेल के प्रति समर्पण, अनुशासन और निरंतर सीखने की भावना आवश्यक है। हार से सीख लेकर आगे बढ़ने वाला खिलाड़ी ही वास्तविक विजेता बनता है।
इस अवसर पर डीआरडीए निदेशक अरुण प्रकाश, अंजनी कुमार, अजय कुमार, आशीष कुमार वर्मा, मनोज कुमार, संजय श्रीवास्तव, मंजूर आलम, अमरेंद्र कुमार, विक्रांत वीर सहित कई खेल प्रशिक्षक एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।