राजापाकर/वैशाली।
बाल विवाह जैसी सामाजिक कुप्रथा के उन्मूलन को लेकर राजापाकर प्रखंड क्षेत्र के बेलकुंडा स्थित संकल्प विद्या निकेतन स्कूल में संकल्प सभा का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, पटना एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकार, हाजीपुर (वैशाली) की सचिव श्रीमती रितु कुमारी के निर्देश पर आयोजित हुआ।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों और किशोरों को बाल विवाह के दुष्परिणामों से अवगत कराना तथा उनके अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक करना था। सभा की शुरुआत विद्यालय व्यवस्थापक संजय झा के संबोधन से हुई।

उन्होंने कहा कि बाल विवाह एक गंभीर सामाजिक बुराई होने के साथ-साथ कानूनन अपराध भी है, जिससे बच्चों का शारीरिक, मानसिक और शैक्षणिक विकास प्रभावित होता है। विशेष रूप से बालिकाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा और भविष्य पर इसका नकारात्मक असर पड़ता है।
विधिक सेवक पंकज कुमार ने सरल और रोचक उदाहरणों के माध्यम से छात्रों को समझाया कि कम उम्र में विवाह से शिक्षा अधूरी रह जाती है और स्वास्थ्य संबंधी कई समस्याएं उत्पन्न होती हैं, जिससे जीवन में आगे बढ़ने के अवसर सीमित हो जाते हैं।
वक्ताओं ने बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 की जानकारी देते हुए बताया कि बाल विवाह कराने, करवाने या सहयोग करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों को बताया गया कि यदि कहीं बाल विवाह की तैयारी या आयोजन की जानकारी मिले तो वे इसकी सूचना प्रशासन, पुलिस, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 या 15100 तथा विधिक सेवा प्राधिकार को दे सकते हैं।
सभा के अंत में छात्रों और शिक्षकों ने बाल विवाह न करने और न होने देने का सामूहिक संकल्प लिया। सभी ने समाज में जागरूकता फैलाने का भी वादा किया। आयोजन को सामाजिक चेतना बढ़ाने की दिशा में एक सार्थक पहल बताया गया।