संवाददाता: मनीष गुप्ता
मैं आपको पुनः अवगत कराना चाहता हु जब तक हम संगठित नहीं है हम कुछ भी नही है इसलिए हमे सभी को संगठित होना पड़ेगा सभी को मेहनत करनी पड़ेगी। और आप सब जानते है मेहनत का फल मीठा होता है लेकिन कुछ समय बाद हमे पता चलता है। आपने गीता का एक श्लोक जरूर सुना होगा। ।

कर्मण्ये वादी कारस्ते मां फलेशू कदा चने मां कर्मफल हेतुर्भु माते संगे सुकरमणि।। कर्म करते चलो फल की चिंता ना करो। मित्रो हम पूरे दिन अपने लिए मेहनत करते है और करनी भी चाहिए क्योंकि हमारा भी परिवार है क्या आप जानते है हम दिन में कितने सदस्य से मिलते है लेकिन अगर हम सिर्फ एक घंटा सिर्फ एक घंटा पूरे दिन में समाज सेवा और निस्वार्थ भाव से सेवा के लिए निकाल दे तो वो दूसरो का भला तो करेगा ही अपने दिल को सुकून भी देगा और एक दिन करके देखना दिल को कितना सुकून मिलता है।

पूरे दिन की टेंशन आपके मस्तिष्क से निकल जाएगी। इसलिए मेरे प्यारे मित्रो छोटे बड़े भाई अपने इस संगठन को गौ माता के लिए सिर्फ 1 घंटे का समय गौ माता को दीजिए निस्वार्थ भाव से। गौ माता आपका घर धन धान्य से भर देगी।