लखनऊ। उत्तर प्रदेश
बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) द्वारा 26 जनवरी 2026, सोमवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए केंद्र एवं राज्य सरकारों के कार्यों की ईमानदार समीक्षा की अपील की गई है।
बीएसपी की राष्ट्रीय अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश की चार बार मुख्यमंत्री एवं पूर्व सांसद सुश्री मायावती ने कहा कि गणतंत्र दिवस केवल बधाई और बड़े-बड़े वादों तक सीमित न रहे, बल्कि यह विचार करने का अवसर होना चाहिए कि संविधान की मंशा के अनुरूप राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक लोकतंत्र वास्तव में कितना मजबूत हुआ है।
उन्होंने कहा कि सरकारें सर्वसमाज, विशेषकर दलित, पिछड़े, आदिवासी, अल्पसंख्यक एवं गरीब वर्गों के हितों को ध्यान में रखते हुए जनकल्याणकारी योजनाएं लागू करने का दावा करती हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर इनका लाभ बहुत सीमित लोगों तक ही पहुंच पा रहा है।
मायावती ने आरोप लगाया कि वोटर लिस्ट से नाम काटने, बढ़ती महंगाई, गरीबी, बेरोजगारी, अशिक्षा और जातिगत भेदभाव जैसी समस्याओं ने आम जनता का जीवन कठिन बना दिया है। उन्होंने कहा कि यदि स्थिति ऐसी ही बनी रही तो देश की सामाजिक-आर्थिक स्थिरता पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है।
बीएसपी प्रमुख ने यह भी सवाल उठाया कि आज भारत की स्थिति वैश्विक स्तर पर कितनी मजबूत है। उन्होंने कहा कि “क्या रुपया 100 के स्तर पर पहुंचना देश की मजबूती का प्रतीक है?” यह गहन चिंतन का विषय है।
उन्होंने सरकार से अपील की कि वह संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर के आदर्शों के अनुरूप नीतियां बनाते हुए जनविश्वास बहाल करे और वास्तविक जनकल्याण को प्राथमिकता दे, तभी गणतंत्र दिवस का वास्तविक अर्थ सार्थक होगा।