जेल से छूटने के बाद बाह पहुँची कांग्रेस जिलाध्यक्ष का कार्यकर्ताओं ने किया ढ़ोल नगाड़ों के साथ स्वागत
संवाददाता सुशील चंद्र । लॉक डाउन की अवधि का बिजली बिल माफ करने के लिए टोरंटो पावर के खिलाफ धरना प्रदर्शन कर रही कांग्रेस की जिलाध्यक्ष श्रीमती मनोज दीक्षित की दो दिन पूर्व पुलिस से तीखी नोंक-झोंक हुई थी ।

जिसमें पुलिसकर्मियों से भिड़ंत में मनोज दीक्षित के कपड़े तक फट गए थे और उनके हाथ की उंगली में फैक्चर हो गया था ।जिसका पुलिस द्वारा मेडिकल भी नहीं कराया गया और उन्हें जेल भेज दिया था।

आज श्रीमती दीक्षित का जेल से छूटने के बाद अपने घर जाते समय बाह में कार्यकर्ताओं द्वारा ढ़ोल और नगाड़ों के साथ जोरदार स्वागत किया गया श्रीमती दीक्षित ने बाह में अम्बेडकर प्रतिमा पर माल्यार्पण कर कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पुलिस द्वारा उनके साथ किये गए अभद्र व्यवहार पर सवाल खड़े किये उन्होंने कहा कि आज सरकार द्वारा पुलिसकर्मियों को गुंडागर्दी करने की खुली छूट दे दी गयी है जिससे प्रदेश में अराजकता का माहौल पैदा हो गया है अपराध चरम सीमा पर है।पुलिसकर्मियों द्वारा अपराधियों को संरक्षण दिया जा रहा है।

श्रीमती दीक्षित ने अपने वक्तव्य में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल करते हुए कहा कि उन्होंने जनता के हक की लड़ाई लड़ने के लिए टोरंटो पावर के खिलाफ बिल माफ करने को लेकर धरना प्रदर्शन और ताला बंदी की थी।उनका क्या कसूर था? क्या लोगों के हक की आवाज़ उठाना गुनाह है?अगर है तो वह ये गुनाह बार बार करेंगी।गरीबों की सेवा निरंतर करती रहेंगी चाहे पुलिस कितनी भी बार जेल भेजे।उन्होंने प्रदेश सरकार पर तीखा निशाना साधते हुए कहा कि वर्तमान सरकार ब्राह्मण विरोधी है।प्रदेश में ब्राह्मण सुरक्षित नहीं हैं।श्रीमती दीक्षित ने कानपुर एनकाउंटर में मारे गए अमर दुबे की नव विवाहिता पत्नी को जेल भेजने पर भी प्रदेश सरकार को कटघरे में खड़ा किया है।