संवाददाता : राजेन्द्र कुमार
हाजीपुर । वैशाली
कृषि विज्ञान केन्द्र वैशाली के तत्वावधान में किसानों को आधुनिक खेती एवं उन्नत तकनीकों से जोड़ने के उद्देश्य से पातेपुर प्रखंड के निरपूर गांव में तिलहनी फसल सरसों की उन्नत किस्म राजेन्द्र सुफलम-1 के सामूहिक अग्रिम पंक्ति प्रत्यक्षण के अंतर्गत प्रक्षेत्र दिवस का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का आयोजन कृषि विज्ञान केन्द्र के वरीय एवं प्रधान वैज्ञानिक डॉ. अनिल कुमार सिंह के मार्गदर्शन में किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को उन्नत किस्मों, वैज्ञानिक खेती पद्धति एवं बेहतर उत्पादन तकनीकों के प्रति जागरूक करना था।
कार्यक्रम में वैज्ञानिक (उद्यान) डॉ. जोना दाखो ने बताया कि राजेन्द्र सुफलम-1 सरसों की उन्नत किस्म उच्च उत्पादन क्षमता, मध्यम अवधि तथा रोग प्रतिरोधक क्षमता के कारण किसानों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है। उन्होंने बताया कि संतुलित उर्वरक प्रबंधन एवं समय पर बुवाई से इस किस्म से बेहतर उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है।
वैज्ञानिकों ने किसानों को खेती से जुड़ी महत्वपूर्ण तकनीकी जानकारी देते हुए बताया कि अक्टूबर के प्रथम पखवाड़े में बुवाई, 5 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर बीज दर, संतुलित उर्वरक प्रबंधन, कीट एवं रोगों का समेकित नियंत्रण, समय पर सिंचाई तथा निराई-गुड़ाई करना अत्यंत आवश्यक है।
प्रक्षेत्र में लगी फसल का किसानों ने अवलोकन किया और इसकी उत्पादन क्षमता की सराहना की। प्रगतिशील किसान संजीव कुमार एवं पंकज कुमार ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि उन्नत कृषि तकनीक अपनाने से लागत में कमी तथा उपज में उल्लेखनीय वृद्धि संभव है।
कार्यक्रम के अंत में कृषि विशेषज्ञों ने किसानों से तिलहनी फसलों की उन्नत किस्मों को अपनाकर आय बढ़ाने का आह्वान किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में राम झा, कैलाश जी एवं सोनू जी का महत्वपूर्ण योगदान रहा। बड़ी संख्या में किसानों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।