प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के जर्मनी दौरे ने राज्य में विदेशी निवेश को नई गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। आईटी मंत्री सुनील कुमार शर्मा के नेतृत्व में गए राज्य प्रतिनिधिमंडल ने रक्षा विनिर्माण, एयरोस्पेस, ड्रोन तकनीक और औद्योगिक साझेदारी के क्षेत्र में कई उच्चस्तरीय और परिणामोन्मुख बैठकें कीं।

जर्मनी के न्यूरेम्बर्ग शहर में उप मुख्यमंत्री ने NürnbergMesse Group के सीईओ Peter Ottmann से भेंट कर उत्तर प्रदेश में औद्योगिक निवेश और सहयोग की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की। प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश की निवेशक-अनुकूल नीतियों, विश्वस्तरीय अवसंरचना और कुशल मानव संसाधन को रेखांकित करते हुए जर्मन उद्योगों को निवेश के लिए आमंत्रित किया।

इसी क्रम में जर्मन-इजराइली कंपनी Quantum Technologies के साथ रणनीतिक बैठक आयोजित हुई।
कंपनी ड्रोन आधारित उन्नत रक्षा प्रणालियों और 160 किमी तक परिचालन क्षमता वाले उच्च-ऊंचाई प्लेटफॉर्म विकसित करने में विशेषज्ञ है। उत्तर प्रदेश सरकार ने कंपनी को राज्य में विनिर्माण इकाई एवं अनुसंधान एवं विकास (R&D) केंद्र स्थापित करने का प्रस्ताव दिया। बैठक में तकनीकी हस्तांतरण, कौशल विकास और दीर्घकालिक औद्योगिक साझेदारी पर सहमति बनी।
प्रतिनिधिमंडल ने जर्मनी की रक्षा एवं हथियार निर्माण कंपनियों के साथ भी बैठक कर उन्नत ड्रोन तकनीक, अगली पीढ़ी की हथियार प्रणालियों और प्रिसिजन मैन्युफैक्चरिंग में निवेश संभावनाओं पर चर्चा की। उत्तर प्रदेश को रक्षा एवं एयरोस्पेस निवेश के उभरते केंद्र के रूप में प्रस्तुत किया गया।
न्यूरेम्बर्ग में भारत के राजदूत अजीत गुप्ते तथा जर्मनी में भारत के कांसुल जनरल शत्रुघ्न सिन्हा से मुलाकात कर द्विपक्षीय आर्थिक सहयोग को और सुदृढ़ करने पर विचार-विमर्श हुआ।
फ्रैंकफर्ट में आयोजित इन्वेस्टर्स कॉन्क्लेव के दौरान ‘Invest UP’ पहल के अंतर्गत Kelsterbach के मेयर Manfred Ockel, Raunheim के मेयर David Rendel तथा Innovation RheinMain के सीईओ Stephan Wittekind से बैठक हुई।
चर्चा का केंद्र फ्रैंकफर्ट एयरपोर्ट और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के बीच लॉजिस्टिक्स, डाटा सेंटर और औद्योगिक सहयोग स्थापित करना रहा। दोनों पक्षों ने एमओयू पर हस्ताक्षर और जर्मन औद्योगिक प्रतिनिधिमंडल की उत्तर प्रदेश यात्रा सुनिश्चित करने पर सहमति जताई।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा एक्सप्रेसवे नेटवर्क विकसित कर चुका है तथा डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, मल्टी-मोडल लॉजिस्टिक्स पार्क और अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों के विस्तार से राज्य एक मजबूत लॉजिस्टिक हब बन रहा है। 70,000 एकड़ से अधिक भूमि बैंक, युवा कार्यबल और ‘निवेश मित्र’ सिंगल विंडो प्रणाली निवेशकों को पारदर्शी और समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध करा रही है।
उन्होंने टेक्सटाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, मेडिकल डिवाइस पार्क, केमिकल एवं फार्मा पार्क तथा डिफेंस कॉरिडोर में जर्मन निवेशकों का स्वागत किया।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव (एमएसएमई एवं उद्योग) आलोक कुमार ने भी औद्योगिक सहयोग को सुदृढ़ करने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए।