Bihar News | बेतिया, पश्चिमी चंपारण।
संवाददाता मोहन सिंह
जिले में जल संरक्षण और पर्यावरण संतुलन को मजबूत करने के उद्देश्य से संचालित जल-जीवन-हरियाली अभियान की समीक्षा उप विकास आयुक्त पश्चिमी चंपारण काजले वैभव नितिन की अध्यक्षता में की गई। समीक्षा के दौरान उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि किसी भी स्तर पर योजनाओं को लंबित न रखा जाए और सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण किए जाएं।

उप विकास आयुक्त ने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि लंबित कार्यों की स्पष्ट सूची तैयार कर प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण एवं पर्यावरण संवर्धन से जुड़ी योजनाओं में विलंब से अभियान का मूल उद्देश्य प्रभावित होता है, जिसे किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
बैठक में सार्वजनिक तालाबों एवं पोखरों के जीर्णोद्धार, सार्वजनिक कुओं की पहचान एवं मरम्मत, चापाकलों एवं कुओं के किनारे सोख्ता/रिचार्ज एवं अन्य जल संचयन संरचनाओं का निर्माण, चेक डैम निर्माण, नए जल स्रोतों का सृजन, अधिशेष नदी जल को जल संकट वाले क्षेत्रों तक पहुंचाने, भवन छत वर्षा जल संचयन, पौधशाला निर्माण, सघन वृक्षारोपण, वैकल्पिक फसलें, टपकन सिंचाई, जैविक खेती तथा आधुनिक तकनीकों के उपयोग से संबंधित कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई।
उन्होंने सभी पदाधिकारियों एवं अभियंताओं को निर्देश दिया कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से कोई समझौता न किया जाए। नियमित स्थल निरीक्षण, प्रगति प्रतिवेदन की समीक्षा तथा आवश्यकतानुसार सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।
उप विकास आयुक्त ने कहा कि जल-जीवन-हरियाली अभियान एक बहुविभागीय कार्यक्रम है, इसलिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें, ताकि किसी एक विभाग की लापरवाही से संपूर्ण अभियान प्रभावित न हो।
उन्होंने जल संरक्षण कार्यों में जनभागीदारी को अत्यंत आवश्यक बताते हुए पंचायत स्तर पर लोगों को जागरूक करने, योजनाओं से जोड़ने तथा निजी भूमि पर जल संचयन एवं चौर विकास जैसे कार्यों को प्रोत्साहित करने का निर्देश दिया।
बैठक में जिला पंचायती राज पदाधिकारी सौरभ आलोक, निदेशक एनईपी पुरुषोत्तम त्रिवेदी, जिला सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी राकेश कुमार सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी, अभियंता एवं कर्मी उपस्थित रहे।