मनोज कुमार राजौरिया : विश्व में फैली कोरोना महामारी से अब तक बचते आ रहे जिले में भी एक मरीज निकल आया। जसवंतनगर तहसील क्षेत्र में कोरोना पाजिटिव निकलने से जिले में हड़कंप मच गया। टेस्ट रिपोर्ट में इसके पाजिटिव निकलने से जिला प्रशासन ने पूरे गांव को सील कर दिया और मरीज को कानपुर के सरसौल में बनाए गए कोविड-19 अस्पताल में भेजा गया। जबकि उसके पूरे परिवार को यहां आइसोलेशन में भर्ती करके उनके सैंपल लिए गए। मरीज ने खांसी बुखार होने पर खुद ही 10 अप्रैल को जिला अस्पताल पहुंचकर ब्लड सैंपल दिया था।

तहसील के गांव नगला भगत के रहने वाले 40 साल के धर्मवीर सिंह कुछ दिनों से खांसी बुखार से पीड़ित था। इस पर उसने 10 अप्रैल को जिला अस्पताल पहुंचकर अपना ब्लड सैंपल दिया था। उसके सैंपल की रविवार की शाम को रिपोर्ट पाजिटिव आने पर जिला प्रशासन हरकत में आ गया। आनन फानन में प्रशासनिक अफसरों ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ गांव जाकर युवक को कब्जे में ले लिया और उसको कानपुर स्थित सरसौल में बनाए गए मंडल स्तरीय कोविड-19 अस्पताल में भेजा गया। साथ ही उसके परिवार के सभी पांच सदस्यों माता पिता, पत्नी व दो बच्चों को एंबुलेंस से जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती करके उनके सैंपल लिए गए। वहीं पूरे गांव को सील कर दिया गया। अब इस गांव में अगले आदेशों तक न तो कोई आएगा और न ही गांव से कोई बाहर जाएगा। जिले में कोरोना का मरीज निकलने से गांव में हड़कंप सा मचा हुआ है। सभी सशंकित हैं कि कहीं वे भी तो चपेट में नहीं हैं। उधर कोरोना का मरीज मिलने से जिले के अन्य इलाकों में हड़कंप जैसी स्थिति बन गई है। सभी दहशत में दिखाई दे रहे हैं। अब तक लोग मजे से कह रहे थे कि जिले में कोई कोरोना मरीज नही है, वे भी शाम के बाद से घरों से नहीं निकले।
मरीज की नही है ट्रैवल हिस्ट्री
कोरोना पाजिटिव निकला धर्मवीर पिछले कई महीनों से गांव से बाहर नहीं गया है। इसके बाद भी उसका पाजिटिव निकलना अधिक चिंता का विषय है। जिला प्रशासन भी इस बात से अधिक गंभीर है कि ऐसा कैसे हो सकता है। हालांकि गांव में लाक डाउन के बाद दिल्ली से चार, नोयडा से तीन व लखनऊ से एक व्यक्ति आकर गांव में अपने घरों में रुके हैं।
पूरे गांव की होगी स्क्रीनिंग
नगला भगत में कोरोना पाजिटिव मरीज निकलने के बाद जिला प्रशासन के साथ स्वास्थ्य विभाग की संक्रमण से संबंधित टीम ने डेरा जमा लिया है। टीम ने गांव के एक एक घर की स्क्रीनिंग रविवार की रात से ही शुरू कर दी। स्क्रीनिंग सोमवार तक पूरी की जाएगी और जो भी संदिग्ध मिलेंगे उनके सैंपल लिए जाएंगे। सीडीओ राजा गणपति आर, सीएमओ डा.एनएस तोमर, एसडीएम जसवंतनगर ज्योत्सना बंधु, एसीएमओ डा.श्रीनिवास, डिप्टी सीएमओ डा.वीरेंद्र सिंह, डब्लूएचओ के डा.चेतन शर्मा, संक्रामक रोग के प्रभारी डा.विनोद शर्मा ने गांव वालों से बातचीत भी की और मरीज के बारे में जानकारी ली। साथ ही अन्य गांव वालों से भी उनके स्वास्थ्य के बारे में पूछताछ की।
10 को भेजे गए थे 41 सैंपल
10 अप्रैल को जिला अस्पताल से 41 संदिग्धों के सैंपल लेकर जांच को भेजे गए थे। इनमें से एक मरीज धर्मवीर पाजिटिव निकला है। जबकि 32 संदिग्धों की रिपोर्ट निगेटिव आई है। वहीं 8 के सैंपल फेल हो गए, अब इनके सैंपल फिर से लिए जाएंगे।
जसवंतनगर क्षेत्र के गांव नगला भगत में रहने वाला एक युवक का सैंपल लेकर टेस्ट को भेजा गया था। उसकी रिपोर्ट पाजिटिव आई है। उसको कानपुर के सरसौल में बनाए गए कोविड-19 अस्पताल में भेजा गया है। जबकि उसके परिवार के अन्य लोगों को आइसोलेशन में भर्ती कराया गया है। गांव में स्क्रीनिंग की जा रही है और पूरे गांव को सेनेटाइज कराया जा रहा है। उसकी ट्रैवल हिस्ट्री का भी पता किया जा रहा है।