रिषीपाल सिंह इटावा: विकास खंड बसरेहर के अंतर्गत बिलंदा रजवाह में जून को स्लैब में छेद होने के कारण ध्वस्त हो गया था। जून से लेकर जुलाई माह तक उसका निर्माण करके पुनः चालू किया गया था लेकिन निर्माण के तत्काल बाद दूसरे ही दिन बिलंदा रजवाहा में पानी छोड़ा गया तो घटिया निर्माण सामग्री से निर्मित स्लीप पानी के साथ बह गया था वहां के किसानों ने संबंधित सिंचाई विभाग, जिलाधिकारी और अन्य अधिकारियों से अपनी गुहार करते हुए इसे अति शीघ्र मरम्मत कराकर पुनः चालू करने की मांग की। क्योंकि उस समय किसानो को धान की फसल के लिए पानी अति आवश्यक था किसी भी तरीके से अपने निजी संसाधनों और बिजली विभाग की मेहरबानी के कारण कुछ समय के लिए धान की फसल को रोक लिया गया लेकिन जून, जुलाई और अगस्त लगभग 3 माह होने के बाद उक्त बिलंदा रजबहा आज भी किसानों के लिए सिंचाई का पानी उपलब्ध नहीं करा पाया क्योंकि बनकटी के आगे बम्बा पर बांध बना कर कई जगह पानी को रोका गया है।

जंहा से रजवाहा निकाला गया है उस जगह पर तीन गेट बनाये गए है पानी के लिए जिनमे से केवल एक ही गेट किसानों के लिए खोला गया है जिसको लेकर किसानों ने विकासखंड बसरेहर विकासखंड सैफई और भरथना क्षेत्र तक के लोग अपनी जमीन बिलंदा रजवाहा के भरोसे रह कर अपनी फसलों को पानी उपलब्ध कराते हैं लेकिन आज तीन माह का समय व्यतीत होने के बाद भी किसान परेशान हैं।
ग्राम बादरीपूठ के किसान व बनकटी निवासी अखिलेश दुबे, गिरजा शंकर दुबे, ठाकुर रामप्रताप , राजकुमार संतोष दुबे सराय मलपुरा निवासी दुर्गेश कुमार शाक्य, बालकृष्ण संखवार, अमर सिंह, सुरेश चंद्र, केशव सिंह, शिवदयाल, दाताराम, नरेश बाबू राम, अवतार सिंह तथा कल्याणपुर आदि के किसानों ने शासन प्रशासन से मांग करते हुए कहा कि अगर हमारी समस्या का समाधान समय रहते नहीं किया गया तो हम मजबूरन भूख हड़ताल पर बैठने को मजबूर हो जायेंगे, एक तो कोरोना के कारण किसान पहले ही परेशान है उस पर डीजल की इतनी महगाई हो गयी है कि किसानो को फसल से ज्यादा खर्च तो लागत का देना पड़ता है।