संवाददाता मोहन सिंह बेतिया
महापौर गरिमा देवी सिकारिया ने नगर के राजगुरु चौक पर स्थापित सरदार बल्लभ भाई पटेल जी की प्रतिमा स्थल का निरीक्षण किया। महीनों पूर्व जारी कार्यादेश के बावजूद इस आदमकद प्रतिमा स्थल का जारी सौंदर्यीकरण कार्य अब तक पूरा नहीं हो पाने पर खेद व्यक्त किया।

इस कार्य को अपनी प्राथमिकताओं में ऊपर बताते हुए श्रीमती सिकारिया इसको शीघ्र पूरा कराने का निर्देश दिया। साथ में रहे नगर आयुक्त विनोद कुमार सिंह, कनीय अभियंता सुजय सुमन बेतिया राज पुरोहित प्रमोद ब्यास के साथ स्थानीय समाजसेवी माधव सिंह,bशिव कुमार पटेल आदि के साथ भारत रत्न सरदार बल्लभ भाई पटेल को महात्मा गांधी जी द्वारा लौह की उपाधि से दिए जाने का आदर पूर्वक उल्लेख किया। महापौर ने बताया कि देश के आजाद हो जाने के बाद देशभर में अपनी डफली अपना राग की कहावत चरितार्थ करने वाली तत्कालीन कुल 562 छोटी बड़ी रियासतों को भारत संघ में मिलाए बिना देश एकता और अखंडता के साथ विकास को गति देना असंभव था। वही 1928 सफल किसान आंदोलन का नेतृत्व कर के “सरदार” की उपाधि पा चुके बल्लभ भाई पटेल ने देश का प्रथम उपप्रधानमंत्री सह गृहमंत्री बन कर 562 देसी रियासतों के विलय को सफल बनाने का कीर्तिमान स्थापित कर दिखाया।
महापौर श्रीमति सिकारिया ने बताया कि देश की एकता अखंडता के लिए बेहद जरूरी इस उपलब्धि को अकेले अपने दम पर संभव बनाने वाले सरदार पटेल को स्वयं राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी ने सरदार पटेल को लौह पुरुष की उपाधि देकर सम्मानित किया था। इसकी जानकारी देते हुए महापौर गरिमा देवी सिकारिया ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को देश के प्रथम गृहमंत्री को “सरदार” और लौह पुरुष कहे जाने का इतिहास जानना बेहद जरूरी है।