संवाददाता मोहन सिंह
बेतिया: नीतीश-भाजपा सरकार को जनता के जान-जीवन की कोई चिंता नहीं है,जनता को मरने के लिए छोड़ दिया गया है,ये सरकार बिल्कुल निर्दयी हो चुकी है, उक्त ब्यान कोरोना महामारी के बढ़ते संक्रमण पर चिंता जाहिर करते हुए भाकपा माले केन्द्रीय कमिटी सदस्य सह सिकटा विधायक वीरेंद्र प्रसाद गुप्ता ने कही, आगे उन्होंने कहा कि एक दिन पहले ही जिला अधिकारी द्वारा अक्सिजन की कमी नहीं होने का दिया गया था आस्वासन, दुसरे दिन ही गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज बेतिया में भर्ती इश्ताखार अहमद (कनवलिया, देवराज) को आक्सीजन के अभाव में जिन्दगी बचाने के लिए प्राइवेट अस्पताल में भर्ती होना पड़ा है, वहां भी कबतक आक्सीजन कि सुविधा मिलेगी कहना मुस्किल है,
आगे कहा कि बिहार में कुल डाक्टरों का 11645 पद है, जिसमें से 8768 पद वर्षों से खाली पड़े हैं, स्वास्थ्य विभाग पहले से ही बदहाल स्थिति में है, कोरोना ने इसके और चिथड़े उड़ा दिया है, हमारी पार्टी लगतार स्वास्थ्य सुविधा मे सुधार की मांग करते रही हैं, लेकिन मज़ाल हैं कि नीतीश कुमार के कानों पर जूं तक रेंगें, एक भी डाक्टरों की नियुक्ति नही हुआ, नतीजन बिहार का स्वास्थ्य सिस्टम फेल हो चुका है,इस कोरोना महामारी में दहशत से लोगों की नींद उड़ गयी है, ऐसे में ये सरकार चैन की नींद सो रही है,ऐसे हालात में कैसे नींद आ सकती है सरकार को जबकि बिहार में सैकड़ो लोग रोज मर रहे हैं ।
आगे कहा कि मोदी सरकार बिल्कुल अमानवीय,और असंवेदनशीन हो चुकी है,इनके लिए मानवीय जीवन का अब मोल नहीं रह गया है । इस उदाहरण से आप आसानी से समझ सकते हैं कि इस कोरोना काल में ही 971 करोड़ की नई संसद भवन, दो हजार 63 करोड़ की सरदार पटेल की मुर्ति का निर्माण, 800 करोड़ का अहमदाबाद में बडा़ स्टेडियम का निर्माण यानी तीन हजार 834 करोड़ खर्च करने वाली मोदी सरकार एक भी अस्पताल नहीं बनाया है,