संवाददाता मोहन सिंह बेतिया
कार्य में लापरवाही, शिथिलता एवं कोताही बरतने को लेकर अंचल अधिकारी, बेतिया, सूरजकांत के विरूद्ध प्रपत्र-क गठित कर दी गयी है। प्रपत्र-क में आरोप गठित करते हुए अग्रतर कार्रवाई के लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार को समर्पित कर दिया गया है।
ज्ञातव्य हो कि जिलाधिकारी, कुंदन कुमार द्वारा दिनांक-27.04.2022 को अंचल कार्यालय, बेतिया का औचक निरीक्षण किया गया था। गहन निरीक्षण के दौरान कागजातों के रख-रखाव में कई खामियां पायी गयी थी। राजस्व शाखा द्वारा तीन दिनों के अंदर स्पष्टीकरण की मांग की गई, परंतु लंबी अवधि के बावजूद भी स्पष्टीकरण समर्पित नहीं किया गया। स्पष्टीकरण समर्पित नहीं करना उच्चाधिकारियों के आदेश की अवहेलना स्वेच्छाचारिता परिलक्षित करता है। इस प्रकार का आचरण बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली के नियम-3 (1) का उल्लंघन है।
निरीक्षण के क्रम में दाखिल-खारिज के मामले लंबित पाये गये थे। वाद संख्या-233 में दाखिल-खारिज की स्वीकृति नहीं दी गयी। वाद संख्या-1891, 1179, 1694 के मामले को लंबित रखा गया। इसी प्रकार अंचल अधिकारी, बेतिया के लॉगिन पर आपति सहित एवं आपति रहित तथा अंचल स्तर पर अधिक संख्या में मामले लंबित पाये गये। निरीक्षण के दौरान 35 कार्य दिवस के अंतर्गत निष्पादित मामलों की संख्या काफी कम पायी गयी एवं निष्पादन का प्रतिशत भी कम पाया गया।
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा समय-समय पर ऑनलाइन जमाबंदी का प्रिंट लेकर मूल जमाबंदी से मिलान कर परिमार्जन हेतु दिशा-निर्देश निर्गत किया जाता रहा है। किन्तु बेतिया अंचल में इस प्रकार की कार्रवाई का कोई भी साक्ष्य नहीं मिला। लंबित मामलों में राजस्व कर्मचारी के द्वारा अपना प्रतिवेदन समर्पित कर दिया गया है। निरीक्षण में यह स्पष्ट हुआ कि अंचल अधिकारी द्वारा मामलों को लंबित रखा गया है।
बिहार लोक भूमि अतिक्रमण अधिनियम 1956 की धारा-6 के तहत विभिन्न मामलों में आदेश पारित होने के लंबे समय उपरांत अतिक्रमण मुक्ति की कार्रवाई की गयी। उक्त अधिनियम के तहत अतिक्रमण हटाने की अवधि 90 दिन अंकित है, किन्तु निरीक्षण के क्रम में पाया गया कि सभी मामलों में एक वर्ष से अधिक की अवधि व्यतीत किया गया है, जो उक्त अधिनियम के प्रावधानों के विपरित है।
इसी प्रकार धारा-3/6 के तहत पूर्व पारित आदेशों के क्रियान्वयन के लिए अंचल अधिकारी, बेतिया द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गयी। भू-स्वामित्व प्रमाण पत्र निर्गमन हेतु मामले लंबित रखना, बेदखली के मामलों का सही ढंग से अनुश्रवण नहीं किया जाना आदि पाया गया।
उक्त के आलोक में जिलाधिकारी, श्री कुंदन कुमार द्वारा अंचलाधिकारी, बेतिया के विरूद्ध प्रपत्र-क गठित करने हेतु निदेशित किया गया। निदेश के आलोक में प्रपत्र-क में आरोप गठित करते हुए अग्रतर कार्रवाई हेतु राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार को समर्पित कर दिया गया है।
वहीं बलिराम पाण्डेय, राजस्व कर्मचारी, अंचल कार्यालय, चनपटिया सम्प्रति अंचल कार्यालय योगापट्टी के विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2022 (समय-समय पर यथा संशोधित) के नियम-14 अंतर्गत संचयी प्रभाव के साथ दो वेतनवृद्धियों की रोक का दंड जिलाधिकारी द्वारा अधिरोपित किया गया है।