संवाददाता राजेन्द्र कुमार
वैशाली /हाजीपुर
भाकपा, और माकपा ने भाकपा-माले जिला सचिव विशेश्वर प्रसाद यादव,माकपा जिला सचिव रमाशंकर भारती, भाकपा नेता केदार प्रसाद गुप्ता के नेतृत्व में मार्च निकाला जो गांधी चौक पर जाकर सभा में बदल गई।
मार्च में भाकपा-माले राज्य कमेटी सदस्य शत्रुघ्न साहनी, रामबाबू भगत, पवन कुमार सिंह, मजिंदर शाह, कुमारी गिरजा पासवान, रामनिवास प्रसाद यादव, गोपाल पासवान, राम पारस भारती, मिथलेश देवी, नंदलाल राय, डॉ जेपी सिंह, विजय कुमार यादव, अरविंद ठाकुर, माकपा के दीनबंधु प्रसाद, शीला देवी, राजेंद्र पटेल, भाकपा के नन्हे जी आदि शामिल थे तथा सभा को भी संबोधित किया।

उपरोक्त सभी नेताओं ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि भारत फिलिस्तीन की आजादी के लड़ाई में सब दिन फिलिस्तीन के पक्ष में खड़ा रहा है, परंतु मोदी की सरकार अमेरिकी दबाव में युद्ध समाप्त करने के सवाल पर संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा कराए गए मतदान में मतदान का बहिष्कार करके हमलावर इजरायल के पक्ष में खड़ा हुआ है। जो भारत के घोषित नीति के खिलाफ है। नेताओं ने कहा कि अमेरिका के सामने भारत नत मस्तक है। इसलिए भारतीय युवाओं को हथकड़ी और वेरियों में जकरकर मालबाहक जहाज से अमेरिका द्वारा भारत भेजने पर भी चुप रहा। अंग्रेजों के साथ गठजोड़ रखने वाली भाजपा आरएसएस आज भी साम्राज्यवाद स्थिति के रास्ते पर चल रही है। देशव्यापी इस प्रतिवाद के माध्यम से हम सभी भारत सरकार से मांग करते हैं कि गाजा और ईरान पर बिना शर्त इसराइल हमले बंद करें, महिलाओं और बच्चों का जनसंहार बंद करें, इस पक्ष में देश की जनता की आकांक्षा को देखते हुए भारत सरकार को पकड़ करना चाहिए। अन्यथा देश की न्याय प्रिय जनता साम्राज्यवाद प्रशस्त भाजपा सरकार को गद्दी से उखाड़ फेंकने के लिए देशव्यापी अभियान चलाएगी।