संवाददाता राजेन्द्र कुमार
वैशाली /बिदुपुर
भाकपा माले कार्यकर्ताओं की बैठक प्रखंड क्षेत्र के सहदुल्लाहपुर धोबौली गांव में अरविंद ठाकुर के अध्यक्षता में आयोजित हुई। मतदाता पुनर निरीक्षण के आदेश को वापस लेने, वोट बंदी की साजिश पर रोक लगाने की मांग के समर्थन में इंडिया गठबंधन द्वारा 9 जुलाई 2025 को घोषित राज्य व्यापी चक्का जाम आंदोलन को सफल करने के लिए व्यापक रणनीति बनाई गई।
बैठक में पार्टी जिला सचिव विशेश्वर प्रसाद यादव, बिदुपुर प्रखंड प्रभारी सरपंच गोपाल पासवान, अरविंद ठाकुर, अर्जुन दास, अर्जुन पासवान, रविंद्र सिंह, राजबल्लभ राय, सीता देवी, बबीतादेवी, ममता देवी, जामुनी देवी, शिव दुलारी देवी, सुनीता देवी, शंभू दास, बिरजू दास, जय लाल राय, रामचंद्र पासवान, श्री नारायण दास, बलदेव दास, बिजेंदर दास, राजेंद्र पासवान, सुनीता कुंवर आदि ने अपना विचार प्रकट करते हुए कहा भाजपा सरकार की वोट बंदी के साजिश को संघर्ष के बल पर रोकेंगे। उपरोक्त नेताओं ने कहा कि सुनियोजित साजिश के तहत भाजपा सरकार के इशारे पर चुनाव आयोग ने असंवैधानिक मतदाता पुर्ननिरीक्षण आदेश में नागरिकता का प्रमाण पत्र देने का प्रमाण जारी किया है। चुनाव आयोग का काम मृत मतदाताओं का नाम काटना, 18 वर्ष आयु पूरा कर चुके युवाओं का नाम जोड़ना, और स्वच्छ चुनाव करना है। नागरिकता संबंधी दस्तावेज की मांग करना चुनाव आयोग के अधिकार क्षेत्र में नहीं है। जिन 11 तरह के दस्तावेज में से किसी एक की मांग की गई है वह दस्तावेज व्यापक गरीबों के पास उपलब्ध नहीं है। सरकारी कार्यालय का चक्कर लगाने के बाद भी इतने कम समय में दस्तावेज उपलब्ध नहीं हो सकता है। फिर करोड़ों प्रवासी मजदूर अन्य प्रदेशों से आकर अपना प्रमाण पत्र कैसे बनवा सकते हैं। चुनाव आयोग का ताजा निर्देश जिसमें केवल गणना फॉर्म भरने की बात कही गई है, पुनर निरीक्षण के फैसले को वापस लेने की हमारे मांग के अचित को सही साबित करता है। फिर चुनाव आयोग अपनी जिद पर क्यों काम है। 24 जून 2025 को जारी किए गए अधिसूचना को रेड क्यों नहीं कर रही है।

गरीबों की वोट लेने वाले भाजपा/ जदयू/चिराग पासवान/जीतन राम मांझी सहित अन्य वोट बंदी के खिलाफ आवाज क्यों नहीं उठा रहे हैं। वे भी भाजपा सरकार के पिछलग्गू है। इन सबों को बिहार की जनता आने वाले विधानसभा चुनाव में जरूर सबक सिखाएगी। 9 जून 2025 को हर गांव चट्टी के सड़कों को भी जाम रखा जाएगा।